आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, पशुपालन और डेयरी विभाग ने आकांक्षी जिलों में 4000 ग्राम स्तरीय शिविरों का आयोजन करके सामान्य जन सेवा केन्द्र नेटवर्क के माध्यम से उद्यमशीलता और विभाग की अन्य लाभार्थी-केन्द्रित योजनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए.
केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला (Union Minister for Fisheries, Animal Husbandry and Dairying Purushottam Rupala) और पशुपालन तथा डेयरी सचिव राजेश कुमार सिंह ने क्रमशः 22.02.2023 और 23.02.2023 को बैठक की अध्यक्षता की. उपस्थित लोगों को इन स्कीम के बारे में, साथ ही सीएससी के माध्यम से ही योजना पोर्टल पर कैसे आवेदन करना है, इसकी पूरी जानकारी दी गई. सामान्य जन सेवा केन्द्रों से लगभग 2 लाख किसान जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हुए.
केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने शिविरों के माध्यम से जुड़े किसानों को संबोधित किया और जानकारी दी कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन और राष्ट्रीय गोकुल मिशन स्कीमों के रूप में अब प्रजनक कृषि उद्यमियों और चारा उद्यमियों का एक घटक है. राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) ग्रामीण उद्यमशीलता बनाने में मदद करेगा और मवेशी, डेयरी, मुर्गी पालन, भेड़, बकरी, सुअर पालन, आहार और चारा क्षेत्र में बेरोजगार युवाओं और पशुपालकों के लिए बेहतर आजीविका के अवसर पैदा करने में सहायता करेगा, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा.
किसानों के साथ परस्पर बातचीत के दौरान पशुपालन और डेयरी सचिव राजेश कुमार सिंह ने इस बात पर बल दिया कि ये स्कीम आहार और चारा विकास सहित ग्रामीण पोल्ट्री, भेड़, बकरी और सुअर पालन में उद्यमशीलता विकास और नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान देंगी. सरकार देश में पोषण सुरक्षा, रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि अर्जित करने के लिए पोल्ट्री उत्पादकता, दूध और मांस उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न स्कीमों/कार्यक्रमों को लागू कर रही है. इस क्षेत्र के लिए विभाग का व्यापक विजन पशुधन की उत्पादकता में टिकाऊ और लाभदायक तरीके से वृद्धि से संबंधित है. योजनाओं के प्रभाव और सफलता को प्रस्तुतियों और वीडियो के माध्यम से समझाया गया.