ग्रेटर नोएडा: वेस्ट स्थित गैलेक्सी वेगा सोसायटी में एक बार फिर लिफ्ट सुरक्षा को लेकर लापरवाही सामने आई है. 13 जुलाई की रात करीब साढ़े दस बजे सोसायटी के एक टावर में लिफ्ट अचानक दो मंजिलों के बीच अटक गई. उस वक्त लिफ्ट के अंदर 4 छोटी बच्चियां सवार थीं, जो करीब आधे घंटे तक भीतर ही कैद रहीं.
लिफ्ट रुकते ही केबिन की लाइट भी बंद हो गई और अंदर पूरी तरह अंधेरा छा गया। ऐसे हालात में बच्चियां डर गईं. आमतौर पर ऐसी स्थितियों के लिए लिफ्ट में ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) लगा होता है, जो बिजली जाने या तकनीकी खराबी की सूरत में केबिन को नजदीकी फ्लोर तक पहुंचाकर दरवाजा खोल देता है. लेकिन इस घटना में शुरुआती दस मिनट तक यह डिवाइस भी काम नहीं आया, जिससे बच्चियों की घबराहट और बढ़ गई.
Greater Noida West: Galaxy Vega सोसायटी के एक टावर की लिफ्ट में चार बच्चे करीब 30 मिनट तक फंसे रहे।
लिफ्ट एक्ट केवल कागजों तक सीमित। pic.twitter.com/W3CyufTdJt— Greater Noida West (@GreaterNoidaW) July 14, 2026
बंद लिफ्ट के भीतर घिरी बच्चियों ने हिम्मत नहीं हारी और खुद को संभालने के लिए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पढ़नी शुरू कर दी. इसी दौरान किसी ने केबिन के अंदर का यह पल मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया. वीडियो में बच्चियां सहमी हुई नजर आती हैं, लेकिन साथ मिलकर पाठ करती सुनाई देती हैं. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
घटना की सूचना मिलते ही सोसायटी का मेंटेनेंस स्टाफ और अन्य कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत के बाद करीब 30 मिनट में लिफ्ट का दरवाजा खोला और चारों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
घटना के बाद सोसायटी में रहने वाले परिवारों ने गहरी नाराजगी जताई है. निवासियों का कहना है कि अगर लिफ्ट का ऑटोमैटिक रेस्क्यू सिस्टम समय पर सही तरीके से काम करता तो बच्चियों को इतनी देर तक डर भरे माहौल में नहीं रहना पड़ता. लोगों ने सोसायटी प्रबंधन से लिफ्टों के नियमित रखरखाव, तकनीकी जांच और सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर टेस्टिंग सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.



