उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि आम महोत्सव किसानों और उद्यमियों को अपने उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध करा रहा है. इस अवसर पर उनके साथ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, बलदेव सिंह औलख, दिनेश प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मलिहाबाद की दशहरी को जीआई टैग मिलने के बाद उसकी पहचान पूरी दुनिया में बनी है. पिछले 10 वर्षों से प्रदेश सरकार लगातार आम महोत्सव का आयोजन कर रही है. वर्ष 2017 में लखनऊ में पहला आम महोत्सव आयोजित हुआ था. पहले वर्ष जहां सीमित किस्में प्रदर्शित हुई थीं, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 800 से अधिक प्रजातियों तक पहुंच गई है. इस बार प्रदर्शनी में आम के साथ ड्रैगन फ्रूट और कमल जैसे उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 3, 2026
सीएम ने कहा कि दशहरी, लंगड़ा, लखनऊ सफेदा, रटौल, अमरपाली समेत प्रदेश की लगभग सभी प्रमुख किस्में प्रदर्शनी में हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश की सभी 18 मंडलों, 75 जिलों और 350 से अधिक तहसीलों से आम यहां पहुंचे हैं. प्रदर्शनी में 100 ग्राम से लेकर 2.2 किलोग्राम तक के आम देखने को मिले, जो प्रदेश की विविधता और समृद्धि का परिचायक हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर बड़े आयोजन में बायर-सेलर मीट आयोजित करती है, ताकि किसान और उद्यमी अपने उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचा सकें. इस कार्यक्रम में वैज्ञानिक, किसान, स्वयं सहायता समूह, पैक हाउस संचालक, निर्यातक, नर्सरी संचालक, बैंकर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ और शोधकर्ता एक साथ जुड़े हैं, जो इसे एक अनूठा आयोजन बनाता है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में खाद्य प्रसंस्करण, महिला सशक्तिकरण, पर्यटन, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ऐसे महोत्सव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. प्रधानमंत्री के “लोकल फॉर वोकल” के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों ने उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश से आम का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), यूनाइटेड किंगडम (यूके), मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर सहित अनेक देशों में हो रहा है. प्रदेश सरकार किसानों और निर्यातकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित कराने का कार्य कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मलिहाबादी आम को “काकोरी ब्रांड” के रूप में नई पहचान दी गई है. काकोरी के अमर शहीदों की स्मृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से इस ब्रांड का नामकरण किया गया है. उन्होंने कहा कि इस ब्रांड के माध्यम से किसानों की मेहनत और आम की मिठास वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी. आम के बेहतर निर्यात के लिए सहारनपुर, लखनऊ और वाराणसी में पैक हाउस स्थापित किए गए हैं. साथ ही जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंटीग्रेटेड टेस्टिंग पार्क का निर्माण किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए फ्रूट कवर बैग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. फल पट्टी वाले क्षेत्रों में इसे किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए शोध, नई किस्मों के विकास, एआई आधारित खेती, गुणवत्ता परीक्षण, फूड प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया. सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक आम की किस्मों को जीआई टैग मिलना चाहिए.

