उत्तराखंड

चारधाम यात्रा को लेकर CS की समीक्षा बैठक, बुनियादी ढांचे को तैयार करने के दिए निर्देश

उत्तराखंड: राज्य में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सरल, सुलभ, सुखद और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को यात्रा मार्ग के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से तैयार करने के लिए दो महीने की समय सीमा दी है.

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आम यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन यात्रा पंजीकरण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये हैं. इसके साथ ही सीएस ने वीआईपी दर्शन से आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्थित प्रबंधन करने का निर्देश दिया है.

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं एवं रोड सेफटी के मामलों को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारियों को रोड सेफ्टी से सम्बन्धित सभी पहलुओं विशेषकर क्रेश बैरियर लगवाने के प्रस्ताव शीघ्र शासन स्तर पर भेजने, पुलिस एवं परिवहन की संयुक्त टीमों द्वारा गत वर्षो में यात्रा सीजन के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं का डेथ ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं.

मुख्य सचिव ने सम्बंधित अधिकारियों चार धाम यात्रा को केजुअल्टी फ्री यात्रा बनाने के निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव ने अधिकारियों को 15 अप्रैल तक सड़कों के मरम्मत, पैच्स का कार्य पूर्ण करने की डेडलाइन दी है. बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस साल रोड सेफटी कार्यो के लिए 600 करोड़ रूपये अनुमोदित है.

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गो पर ड्राइवरों की सुविधा के लिए रेस्ट रूम एवं सस्ते भोजन की व्यवस्था करने तथा इन रेस्ट रूम्स का संचालन स्थानीय युवाओं को सौंपने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही हैली सर्विसेज के रजिस्ट्रेशन के ऑनलाइन फर्जीवाड़े की घटनाओं को पूरी तरह से रोकने तथा साइबर क्रिमिनलस् पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि हेली सेवाओं की बुकिंग केवल आईआरसीटीसी के माध्यम से ही हो. इसका संदेश यात्रा रजिस्ट्रेशन के समय तथा विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं. सीएस ने कहा चारधाम यात्रा मार्गों पर ड्यूटी पर लगे डॉक्टर्स की रोस्टर बनाकर तैनाती की जाए.

मुख्य सचिव ने कहा कि पहले से ही उत्तरकाशी, चमोली एवं रूद्रप्रयाग जिलों के स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात डॉक्टर्स की ड्यूटी चारधाम यात्रा में न लगाई जाए। बल्कि यात्रा मार्ग पर बाहर से युवा डॉक्टर्स की तैनाती की जाए. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर घोड़े खच्चरों की हेल्थ स्क्रीनिंग के लिए चेक पोस्ट पर ही व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं.

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