नोएडा: न्यू नोएडा यानी डीएनजीआईआर परियोजना को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है. करीब 209.11 वर्गकिमी क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले इस नए शहर के लिए पहले चरण में 37 गांवों को चिन्हित किया गया है. इनमें 24 गांव बुलंदशहर और 13 गांव गौतमबुद्ध नगर जिले के शामिल हैं. नोएडा प्राधिकरण ने किसानों से बातचीत और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तीन तहसीलदार नियुक्त करने का फैसला लिया है.
इसके साथ ही ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास प्राधिकरण का अस्थायी कार्यालय भी खोला जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि जमीन किसानों की सहमति से ही ली जाएगी. इसी महीने किसानों से बातचीत शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से तैयारी चल रही है और मास्टर प्लान के आधार पर गांवों की जमीन का सर्वे और रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. माना जा रहा है कि यह परियोजना आने वाले समय में एनसीआर का सबसे बड़ा शहरी विस्तार साबित हो सकती है.
प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर के मुताबिक किसानों को 4300 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा 3800 रुपए प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त राशि और 7 प्रतिशत विकसित प्लॉट देने का प्रस्ताव भी रखा गया है. अधिकारियों का कहना है कि किसानों के लिए दो अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई हैं ताकि सहमति के आधार पर जमीन लेने की प्रक्रिया आसान हो सके.
प्रशासन ने साफ किया है कि 18 अक्टूबर 2024 के बाद किए गए निर्माण को अवैध माना जाएगा. इसके लिए सैटेलाइट इमेज का सहारा लिया जाएगा. जिन निर्माणों को अवैध माना जाएगा, उन्हें आबादी में शामिल नहीं किया जाएगा और ऐसे निर्माण पर किसी तरह का मुआवजा भी नहीं मिलेगा. प्राधिकरण गांवों की जमीन अधिग्रहण के साथ-साथ पेरिफेरल रोड नेटवर्क विकसित करने की भी योजना बना रहा है, ताकि नए शहर की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके.
डीएनजीआईआर मास्टर प्लान के तहत न्यू नोएडा को चार चरणों में विकसित किया जाएगा. पहले चरण में वर्ष 2023 से 2027 तक 3165 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित करने की योजना है. इसके बाद 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर, 2032 से 2037 तक 5908 हेक्टेयर और अंतिम चरण में 2037 से 2041 तक 8230 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जाएगा. परियोजना के लिए 81 गांवों की अलग-अलग सैटेलाइट इमेज ली जाएगी और खसरा नंबर के आधार पर जमीन का रिकॉर्ड तैयार होगा.
इसमें सड़क, पार्क, स्कूल, कॉलेज, इंडस्ट्रियल एरिया और रेजिडेंशियल सुविधाओं की विस्तृत जानकारी शामिल की जाएगी. बुलंदशहर के बिरोंडी फौलादपुर, चोला, गोपालपुर और सिकरा समेत कई गांव सूची में हैं, जबकि गौतमबुद्ध नगर के आनंदपुर, छायसा, कोट और सैंथली जैसे गांव भी पहले चरण में शामिल किए गए हैं. प्राधिकरण का दावा है कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी.

