उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को दिए नियुक्ति पत्र

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन रोजगार’ के तहत एक और बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों (ग्रेड-ए) को आधिकारिक नियुक्ति पत्र सौंपे. इस खास मौके पर सीएम योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं.

इसके साथ ही उन्होंने पूरी परीक्षा प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर अत्यंत पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड की पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया.

नियुक्ति पत्र वितरण के बाद अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि आप सभी नवनियुक्त कार्मिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के महान विजन को आगे बढ़ाने के मुख्य सारथी हैं. इस बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सेवाकाल के दौरान आत्म-अनुशासन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य शर्त है. उन्होंने कड़े लहजे में हिदायत दी कि ड्यूटी के प्रति हमेशा सजगता और हर छोटे-बड़े कार्य में पूरी गंभीरता होनी चाहिए. ऑन-ड्यूटी रहने के दौरान सोशल मीडिया के लिए वीडियो या रील बनाना घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, इसलिए कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे खाकी को हंसी का पात्र बनना पड़े.

मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास जताया कि सभी नवचयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश पुलिस की आधुनिक तकनीक एवं सुरक्षा मानकों की जानकारी के साथ टीम भावना, पारदर्शिता और निष्पक्षता से अपना परफॉर्मेंस देंगे. उन्होंने गर्व से कहा कि जब से यूपी पुलिस ने जनसेवा को अपने केंद्र में रखा है, तब से पूरे देश में इसकी साख तेजी से निखरी है. आज के दौर में अब कोई भी अपराधी या आम नागरिक यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर अंगुली नहीं उठा सकता है. उन्होंने युवाओं को सीख दी कि कालचक्र की परवाह किए बिना जो व्यक्ति अनिर्णय का शिकार होता है, वह अंततः समाज में बिखर जाता है.

यूपी पुलिस की यह नई और वैश्विक पहचान अब सिर्फ उसके विशाल संख्या बल के आधार पर नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षाओं पर सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यूपी पुलिस ने पिछले 9 वर्षों में जिस त्वरित गति से काम किया है, वह देश के लिए मॉडल पुलिसिंग का बेजोड़ उदाहरण बना है. इस बदलते दौर में नवचयनित कार्मिकों की ‘स्मार्ट पुलिस’ और ‘डिजिटल वॉरियर्स’ के रूप में एक बहुत बड़ी और जिम्मेदार भूमिका होने जा रही है. सीएम ने अभ्यर्थियों को साल 2017 के पहले के उत्तर प्रदेश की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय औसतन हर दूसरे-तीसरे दिन राज्य में दंगा होता था, त्योहारों से पहले उपद्रव मचता था और महीनों कर्फ्यू लगा रहता था, लेकिन पिछले 9 वर्षों से यूपी में कहीं भी कर्फ्यू नहीं लगा है.

स्मार्ट पुलिसिंग की इस आधुनिक परिकल्पना में डिजिटल वॉरियर्स के रूप में अब कंप्यूटर ऑपरेटरों की बहुत बड़ी भूमिका होने जा रही है. पिछले 9 वर्षों में बेहतरीन सुरक्षा और सुशासन के वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और यहां के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना से अधिक की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साल 2017 से पहले जहां यूपी में कुल 14 हजार बड़े कारखाने थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 32 हजार से अधिक हो गई है, जबकि 96 लाख से ज्यादा एमएसएमई (MSME) यूनिट्स ने पुनर्जीवित होकर युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के करोड़ों नए अवसर सृजित किए हैं. यही कारण है कि आज हमारा उत्तर प्रदेश एक बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर पूरे देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर टॉप-3 राज्यों में शामिल हो गया है.

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