दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने यह जानकारी साझा की है. हालांकि, पीएम मोदी किस मुद्दे पर बात करेंगे, इसकी जानकारी नहीं दी गई है. उम्मीद जताई जा रहा है कि पीएम मोदी महिला आरक्षण पर अपनी बात रख सकते हैं, क्योंकि शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिर गया था.
पीएम मोदी ने शनिवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अध्यक्षता की. इसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की.
इससे पहले 1 अप्रैल को पीएम मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की थी और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आगे उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की थी.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों – विशेष रूप से एलएनजी/एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी. प्रधानमंत्री ने आम आदमी की जरूरी चीजों की उपलब्धता का जायजा लिया. उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ और रबी मौसमों में उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की.
पश्चिम एशिया में स्थिति तब और बिगड़ गई जब 28 फरवरी को ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई, जिसके बाद तेहरान ने कड़ा जवाब दिया.
पश्चिम एशिया में चल रहे इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रूप से गहरा असर पड़ेगा. भारत पर इसके प्रभावों का आकलन किया गया और इससे निपटने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक दोनों तरह के उपायों पर चर्चा की गई.
आम आदमी की जरूरी जरूरतों जिनमें भोजन, ऊर्जा और ईंधन की सुरक्षा शामिल है की उपलब्धता का विस्तार से आकलन किया गया. जरूरी चीजों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई.
किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी उर्वरक की जरूरत का आकलन किया गया. पिछले कुछ सालों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए जो उपाय किए गए हैं, वे समय पर उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे. भविष्य में लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई. यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों पर कोयले के भंडार की पर्याप्त आपूर्ति यह सुनिश्चित करेगी कि भारत में बिजली की कोई कमी न हो.

