उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद में एलिवेटेड रोड पर बने प्रवेश द्वार कहलाएगा ‘राम सेतु’, अनोखी डिजाइन लोगों को कर रहा आकर्षित

गाजियाबाद: दिल्ली से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों (जोकि गाजियाबाद में पड़ते हैं) को नई पहचान देने की दिशा में नगर निगम ने महत्वपूर्ण पहल की है. करीब एक साल पहले नगर निगम की बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव के तहत हिंडन एलिवेटेड रोड का नाम बदलकर “श्री राम सेतु” रखा गया है. इसी के तहत दिल्ली से गाजियाबाद में प्रवेश करने वाले मार्ग पर एक भव्य श्री राम सेतु द्वार का निर्माण कराया जा रहा है. नगर निगम का दावा है कि सावन महीने की शुरुआत से पहले द्वारा का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा.

नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक श्रीराम द्वार का निर्माण लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से कराया जा रहा है. यह द्वार केवल प्रवेश द्वार नहीं होगा बल्कि गाजियाबाद की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी बनेगा. द्वार को पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली के अनुरूप आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि दिल्ली से आने वाले लोगों को शहर में प्रवेश करते ही एक अलग सांस्कृतिक अनुभव मिले.

करीब 11 किलोमीटर लंबे हिंडन एलिवेटेड रोड का उपयोग प्रतिदिन हजारों वाहन चालक करते हैं. दिल्ली और गाजियाबाद के बीच यह मार्ग सबसे व्यस्त संपर्क मार्ग में शामिल है. ऐसे में नगर निगम का मानना है कि इस मार्ग को नया नाम और भव्य प्रदेश द्वार मिलने से एलिवेटेड रोड की पहचान और अधिक मजबूत होगी.

शहर के एलिवेटेड रोड के प्रवेश द्वार पर तैयार किया गया श्री राम सेतु द्वार अपनी भव्यता और अनोखी डिजाइन के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. द्वार के शीर्ष पर भगवान श्री राम के धनुष और बाण की विशाल आकृति बनाई गई है जो दूर से ही इसकी अलग पहचान बनाती है. यह डिजाइन न केवल देखने में आकर्षण है बल्कि सांस्कृतिक भावना का कभी प्रतीक माना जा रहा है.

द्वार का निर्माण पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली से प्रेरित दिखाई देता है. दोनों और बनाए गए मजबूत स्तंभ मंदिर वास्तुकला की झलक देते हैं. जबकि हल्के भगवा रंग का उपयोग करके इस धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया गया है. बीच में श्री राम सेतु और उसके नीचे गाजियाबाद नगर निगम अंकित किया गया है, जिससे इसकी आधिकारिक पहचान भी स्पष्ट हो सके. डिजाइन की सबसे बड़ी विशेषता शीर्ष पर स्थापित सुनहरे रंग का विशाल धनुष बाण है. यह केवल सजावटी तत्व नहीं बल्कि भगवान श्री राम के शौर्य, मर्यादा और धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है.

नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने बताया कि श्री राम सेतु द्वार का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है. निगम का लक्ष्य है कि सावन शुरू होने से पहले इसे पूरी तरह से तैयार कर दिया जाए. गाजियाबाद में दिल्ली की ओर से कई प्रमुख मार्ग प्रवेश करते हैं. इन रास्तों को उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार भी माना जाता है. इसलिए इन प्रवेश बिंदुओं को आकर्षक और सांस्कृतिक स्वरूप देने की योजना पर काम किया जा रहा है.

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