उत्तराखंड: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में वर्षों से लंबित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बन गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद हिमाचल सहमत हो गया. अब सभी हितधारक राज्यों के बीच एमओयू साइन होगा.
गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान “किशाऊ बहु-उद्देशीय परियोजना” के क्रियान्वयन के लिए MoU के लिए सहमत हो गए हैं. MoU होने के बाद किशाऊ परियोजना को अनुमोदन के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा.
The Modi government has been working towards the resolution of long-pending issues to accelerate development. In this direction, a landmark breakthrough was achieved today on issues related to the Kishau Multipurpose Dam.
Today, the stakeholder states—Himachal Pradesh,… pic.twitter.com/ROeFLtrGuT— Amit Shah (@AmitShah) June 16, 2026
किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना के संबंध में जल घटक के कार्य का 90% केन्द्रीय सहायता के रूप में केंद्र सरकार द्वारा और शेष 10% राशि का वित्तीय भार 06 राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा. हिमाचल प्रदेश के विद्युत् घटक के हिस्से की लागत को साझा करने के एवज में हिमाचल प्रदेश के लिए आवंटित पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बनी है. यानी हिमाचल के हिस्से जो खर्च आ रहा था, उसे ये दोनों राज्य वहन करेंगे. यह निर्णय स्वच्छ और निर्मल यमुना की दिशा में एक अहम पड़ाव सिद्ध होगा, जिससे यमुना में शुद्ध जल का प्रवाह बढ़ेगा.
बैठक में केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय जल शक्ति सचिव, विद्युत मंत्रालय के सचिव और हिमाचल एवं उत्तराखंड सरकारों के मुख्य सचिव, एवं गृह मंत्रालय, प्रधान मंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए.
अपने हिस्से के घटक के बदले खर्च के मामले में उत्तराखंड को भी बड़ी राहत मिली है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को ब्याजमुक्त ऋण मिलेगा. इससे उत्तराखंड के हिस्से में आने वाले खर्च का बोझ राज्य पर काफी कम हो जाएगा.
किशाऊ डैम प्रोजेक्ट एक बहुउद्देशीय परियोजना है. इसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर टोंस नदी पर बनाया जाना प्रस्तावित है. टोंस नदी यमुना की सहायक नदी है. ये दोनों नदियां उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से निकलती हैं. इस परियोजना को लेकर मुख्य विवाद इसके वित्तीय बोझ, राज्यों के बीच पानी के बंटवारे और स्थानीय विस्थापन से जुड़े हुए थे.

