गाजियाबाद: दिव्यांगों के सामने रोजगार हासिल करना सबसे बड़ी चुनौती होती है. गाजियाबाद में इन दिनों कभी रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने वाले दिव्यांग आज अपनी मोटराइज्ड ट्राई साइकिल पर सजी छोटी सी दुकान के साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई यात्रा शुरू कर चुके हैं. उनके चेहरे पर मुस्कान और आंखों में भविष्य के सपने इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन गंभीरता के साथ पहल करता है तो योजनाएं केवल कार्यों तक सीमित नहीं रहती बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लेकर आती है.
गाजियाबाद में मिशन समर्थ के तहत जिलाधिकारी की पहल ने दिव्यांगों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है. मोटराइज्ड ट्राई साइकिलों को चलती फिरती दुकानों में बदलकर दिव्यांगों को न केवल स्वरोजगार का साधन दिया गया है बल्कि उन्हें यह विश्वास भी मिला है कि अब वह किसी पर बोझ नहीं है. और अब वे मजबूती के साथ अपने परिवार को संभाल सकते हैं. जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 48 दिव्यागों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल पर बनाई गई चलती फिरती दुकान (मोबाइल शॉप) वितरित की गई है.


