दिल्ली: देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दिल्ली की बारी है. दरअसल, मंगलवार से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. दिल्ली के चीफ इलेक्शन ऑफिसर अशोक कुमार ने बताया कि 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म देना शुरू करेंगे. प्रत्येक मतदाता को दो-दो एन्यूमरेशन फॉर्म दिए जाएंगे, जिसमें से एक इन्यूमेरेशन फॉर्म उनको भर करके बीएलओ को वापस देना होगा और उसकी स्लिप लेनी होगी. उस फॉर्म में दी गई डिटेल के आधार पर बीएलओ मतदाता की मैपिंग करेंगे. मैपिंग सही पाए जाने पर उसको सत्यापित कर दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म देने की अंतिम तिथि 29 जुलाई है. अगर किसी ने अपना एड्रेस चेंज कर लिया है और वह अपने वोटर लिस्ट वाले एड्रेस पर नहीं है तो उसका इन्यूमेरेशन फॉर्म पुराने पते पर ही जाएगा. लेकिन, अगर वह उपस्थित नहीं मिलेंगे तो उनकी मैपिंग नहीं होगी तो उनका वोट मतदाता सूची में नहीं आएगा.
उन्होंने आगे बताया, उनके पास एक विकल्प होगा कि जब क्लेम का समय आएगा तो वह उस टाइम फॉर्म नंबर 6 भर करके अपने मौजूदा एड्रेस पर वोट बनवाने के लिए आवेदन कर दें तो उनका वोट फिर से बना दिया जाएगा. ऑनलाइन भी लोग अपने इन्यूमेरेशन फॉर्म को डाउनलोड करके और उसको ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं. इसकी थीम- ‘कोई भी योग्य वोटर छूटे नहीं, कोई भी अयोग्य वोटर शामिल न हो’ रखी गई है.
यह है दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) का कार्यक्रम
- बीएलओ 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगे.
- हर मौजूदा वोटर को एन्यूमरेशन फॉर्म की दो कॉपी मिलेंगी.
- वोटर्स को भरा हुआ एक एन्यूमरेशन फॉर्म बीएलओ को वापस करना होगा और पावती (एक्नॉलेजमेंट) लेनी होगी.
- अगर घर बंद मिलता है तो बीएलओ कम से कम 3 बार जाएंगे.
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 5 अगस्त को जारी की जाएगी.
- दावे और आपत्तियां 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दर्ज की जा सकती हैं.
- 3 अक्टूबर तक दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा.
- फाइनल वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी.
