दिल्ली: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाला के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिया है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप तय करने का आदेश दिया. कोर्ट ने लालू यादव के दामाद राहुल यादव समेत सात लोगों को बरी करने का भी आदेश दिया.
कोर्ट ने इन तीनों के अलावा जिनके खिलाफ आरोप तय किया है, उनमें लारा प्रोजेक्ट्स, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर शामिल हैं. कोर्ट ने जिन लोगों को बरी करने का आदेश दिया है उनमें राहुल यादव, गौरव गुप्ता, नाथ मल कंकर्निया, विजय त्रिपाठी, डीएन तुलस्यान, राजीव रेलान और अभिषेक फाइनेंस शामिल हैं.
LARA Projects Money Laundering Case | Delhi Court directed to frame charges against LARA Projects, Rabri Devi, Tejashwi Yadav, Lalu Prasad Yadav, PC Gupta, Sarala Gupta, Sujata Hotels, Vijay Kochar and Vinay Kochar for the money laundering offences.
— ANI (@ANI) September 10, 2026
कोर्ट ने 13 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था. 28 जनवरी 2019 को कोर्ट ने ईडी की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को नियमित जमानत दी थी. कोर्ट ने एक-एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी थी. 19 जनवरी 2019 को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में लालू यादव को नियमित जमानत दी थी. कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को रेलवे टेंडर घोटाले के सीबीआई से जुड़े मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.
कोर्ट ने 17 सितंबर 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे. रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया था.

