दिल्ली: 15 मई की सुबह दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है. आज सुबह ठीक 8:30 बजे देश की पहली हाइड्रोजन-पावर्ड शटल बस सेवा का विधिवत संचालन शुरू हो गया. इससे पहले इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने औपचारिक रूप से इन अत्याधुनिक बसों को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को हैंडओवर किया.
DMRC के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल का कहना है कि यह शुरुआत न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए हरित भविष्य की दिशा में एक बड़ी छलांग है. यह बस सेवा ऐसे महत्वपूर्ण समय पर शुरू हुई है जब देश ऊर्जा संकट की चुनौतियों का सामना कर रहा है. प्रधानमंत्री द्वारा अपने काफिले को सीमित करने और मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों द्वारा सार्वजनिक परिवहन अपनाने की पहल के बीच इस सेवा का शुरू होना पर्यावरण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
#WATCH दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से आज दिल्ली के सेंट्रल विस्टा इलाके में एक एकीकृत हाइड्रोजन-संचालित शटल बस सेवा शुरू की।
इस पहल के तहत, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) DMRC को 2… pic.twitter.com/qv3zRPjwQZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 15, 2026
आज से शुरू हुई यह सेवा विशेष रूप से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों व मेट्रो स्टेशनों के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करेगी. IOCL ने आज सुबह बसें सौंपीं, जिसके तुरंत बाद सुबह 8:30 बजे से यात्रियों के लिए सेवाएं शुरू कर दी गईं है.
अनुज दयाल के अनुसार इस पहल का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना व सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता को भी ‘क्लीन एनर्जी’ के उपयोग के लिए प्रेरित करना है. एक बस क्लॉकवाइज और दूसरी एंटी-क्लॉकवाइज दिशा में चलकर यात्रियों का समय बचा रही है. यह प्रोजेक्ट अब भारत के अन्य शहरों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा, जो बताता है कि कैसे हाइड्रोजन जैसा शून्य-उत्सर्जन ईंधन भविष्य की शहरी परिवहन व्यवस्था की रीढ़ बन सकता है.

