दिल्ली: सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DGHS) ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे को बढ़ाने वाला एक आदेश जारी किया है.
नए आदेश के अनुसार, दिल्ली विकास प्राधिकरण की रियायती जमीन पर बने निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज पाने के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को 2.20 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय की डायरेक्टर वत्सला अग्रवाल द्वारा जारी इस आदेश के बाद से दिल्ली के मध्यम-निम्न आय वर्ग के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक आय सीमा की सख्ती के कारण महंगे निजी अस्पतालों में इलाज से वंचित रह जाते थे.
स्वास्थ्य निदेशालय का यह आदेश दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन में लिया गया है. दरअसल, कोर्ट के आदेशों पर गत वर्ष अक्टूबर में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया था. इस कमेटी की हालिया बैठक में यह सहमति बनी कि मौजूदा महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए 2.20 लाख की आय सीमा अपर्याप्त है. कोर्ट का मानना था कि आर्थिक रूप से कमजोर की परिभाषा को व्यापक बनाया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें.
वर्तमान में दिल्ली में कुल 62 निजी अस्पताल ऐसे हैं जो डीडीए की रियायती दरों पर आवंटित जमीन पर बने हैं. लीज की शर्तों के अनुसार, इन अस्पतालों के लिए कोटा अनिवार्य है. ओपीडी में कुल मरीजों का 25 फीसद हिस्सा ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए मुफ्त करना, आईपीडी कुल बेड क्षमता का 10 फीसद हिस्सा ईडब्ल्यूएस मरीजों के लिए आरक्षित और पूरी तरह निःशुल्क करना है. इन अस्पतालों में मैक्स, फोर्टिस, अपोलो और सर गंगा राम जैसे शहर के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं, जहाँ अब 5 लाख तक की सालाना आय वाले परिवार मुफ्त जांच, सर्जरी और दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे.
दिल्ली हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट अशोक अग्रवाल जो इस मुद्दे पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं, उन्होंने बताया कि कि पुरानी आय सीमा 2.20 लाख बेहद कम थी. दिल्ली जैसे सिटी में, जहां न्यूनतम मजदूरी ही इससे अधिक है, कई गरीब परिवार तकनीकी रूप से ईडब्ल्यूएस के दायरे से बाहर हो जाते थे. आय सीमा को बढ़ाकर 5 लाख करने से अब उन श्रमिकों और कम आय वाले कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा जो पहले इस सुविधा से चूक जाते थे. आदेश के साथ ही स्वास्थ्य निदेशालय ने अस्पतालों को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. अस्पतालों को अपने नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध ईडब्ल्यूएस बेड की संख्या और पात्रता मानदंडों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा.
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स्वास्थ्य सेवा निदेशालय द्वारा जारी आदेश की मुख्य बातें
- पुरानी आय सीमा: 2.20 लाख सालाना.
- नई आय सीमा: 5.00 लाख सालाना.
- कुल अस्पताल: 62 निजी अस्पताल
- सुविधा: मुफ्त ओपीडी, दवाइयां, जांच और सर्जरी.
दिल्ली के इन 62 निजी अस्पतालों में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत मुफ्त इलाज का लाभ उठाने के लिए इन प्रक्रियाओं और दस्तावेजों की होगी आवश्यकता.
1. आय प्रमाण पत्र – जो राजस्व विभाग एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी किया गया वैध प्रमाण पत्र जिसमें वार्षिक आय 5 लाख से कम हो.
2. ईडब्ल्यूएस कार्ड/बीपीएल कार्ड – दिल्ली सरकार द्वारा जारी खाद्य सुरक्षा कार्ड.
3. निवास प्रमाण – आधार कार्ड, वोटर आईडी या बिजली का बिल (यह साबित करने के लिए कि मरीज दिल्ली का निवासी है).
4. रेफरल पत्र (यदि है तो) – सरकारी अस्पताल द्वारा निजी अस्पताल के लिए भेजा गया रेफरल नोट

