दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत पांच महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों की शुरुआत की. इन नए प्लेटफॉर्म्स में eSushrut@Clinic, ड्रग रजिस्ट्री, आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट और यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI) शामिल हैं. इनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, आपस में जुड़ने योग्य और नागरिक-केंद्रित बनाना है.
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा, “इन डिजिटल पहलों की शुरुआत के साथ आज एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तय हुआ है. ये एप्लिकेशन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और कुशल बनाकर एक स्वस्थ भारत और डिजिटल रूप से सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.” नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र ने पिछले 12 वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है.
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) द्वारा विकसित एक हल्का क्लाउड-आधारित हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम है. विशेष रूप से छोटे आउटपेशेंट (OPD) क्लीनिकों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों और उप-केंद्रों के लिए डिज़ाइन किया गया यह प्लेटफ़ॉर्म छोटे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए किफायती डिजिटल समाधानों की कमी को दूर करता है.
Launched several important digital health initiatives today in New Delhi, including Aarogya Setu 2.0, Ayushman App, Ayushman Sarathi WhatsApp Chatbot, National Health Claims Exchange (NHCX), Unified Health Interface (UHI), Drug Registry, Common LOINC Codes for India (CLCI), and… pic.twitter.com/vLJP3wwrEh
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) June 29, 2026
यह एप्लिकेशन मरीजों के पंजीकरण, बिलिंग, क्लीनिकल दस्तावेज़ीकरण, स्पीच-टू-टेक्स्ट (बोलकर लिखने की) कार्यप्रणाली, क्लीनिकल निर्णय सहायता और रिपोर्टिंग को स्वचालित बनाता है. जबकि यह उन क्लीनिकों के लिए भी बेहद सरल है जिनके पास कोई समर्पित आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है. 800 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को पहले ही इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और सी-डैक के बीच हुए समझौते के तहत, यह सॉफ्टवेयर पहले तीन महीनों के लिए मुफ्त उपलब्ध होगा. उसके बाद पांच यूजर्स के लिए 299 रुपये प्रति माह की रियायती दर पर मिलेगा, जिससे छोटे क्लीनिकों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य प्रबंधन काफी किफायती हो जाएगा.
यह एक देशव्यापी मानकीकृत डिजिटल डेटाबेस है जो दवाओं के बारे में सत्यापित जानकारी के एकमात्र स्रोत के रूप में काम करेगा. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर EHR स्टैंडर्ड्स के सहयोग से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा विकसित इस रजिस्ट्री में वर्तमान में 1.23 लाख से अधिक ब्रांडेड दवाएं, 10,000 से अधिक जेनेरिक दवाएं और लगभग 29,000 सामग्रियां शामिल हैं.
यह समान दवा पहचान सुनिश्चित करने, दवाओं की गलतियों को कम करने और स्वास्थ्य प्रणालियों में इंटरऑपरेबिलिटी में सुधार करने के लिए अस्पताल प्रबंधन प्रणालियों, ई-प्रिस्क्रिप्शन (डिजिटल पर्चा) प्लेटफॉर्म और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अनुकूल एप्लिकेशनों के साथ एकीकृत होगा.
कोविड-19 महामारी के दौरान विकसित किए गए एप्लिकेशन को एक व्यापक व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड प्लेटफॉर्म में बदल देता है. यह नया और सुधरा हुआ एप्लिकेशन उपयोगकर्ताओं को अपना आभा (ABHA) खाता बनाने और प्रबंधित करने, मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहीत (स्टोर) करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके रिपोर्ट अपलोड करने, पहनने योग्य उपकरणों (वेयरेबल डिवाइसेस जैसे स्मार्टवॉच) के माध्यम से स्वास्थ्य मानकों की निगरानी करने, दवा के लिए रिमाइंडर प्राप्त करने और पीएम-जय (PM-JAY) लाभों, नजदीकी स्वास्थ्य सुविधाओं, रक्त (ब्लड) की उपलब्धता, एम्बुलेंस सेवाओं और सहमति-आधारित स्वास्थ्य डेटा साझाकरण तक पहुंचने में सक्षम बनाएगा.
एक व्हाट्सएप-आधारित चैटबॉट है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की सेवाओं तक 24 घंटे और सातों दिन (24×7) पहुंच प्रदान करता है. सुरक्षित एपीआई (API) एकीकरण के माध्यम से, लाभार्थी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे बिना या हेल्पलाइन पर कॉल किए बिना अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं, आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं या उसे डाउनलोड कर सकते हैं, आधार लिंक कर सकते हैं, इलाज का इतिहास और वॉलेट बैलेंस देख सकते हैं, पैनल में शामिल अस्पतालों का पता लगा सकते हैं, शिकायतें दर्ज कर सकते हैं और अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) मिलने के बाद अपना फीडबैक दे सकते हैं.
एक ओपन इंटरऑपरेबल नेटवर्क है जो मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को आपस में जुड़ने की अनुमति देता है. चाहे वे किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हों. डिजिटल भुगतान में ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (UPI) मॉडल की तरह ही, यूएचआई नागरिकों को सामान्य मानकों के माध्यम से कई एप्लिकेशनों पर सत्यापित डॉक्टरों, अस्पतालों, प्रयोगशालाओं और दवा दुकानों को खोजने में सक्षम बनाता है.
यह प्लेटफ़ॉर्म स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की सत्यापित भागीदारी और सहमति-आधारित शेयरिंग को सुनिश्चित करने के लिए एबीडीएम के मुख्य घटकों- जैसे आभा (ABHA), हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री-का उपयोग करता है.
नड्डा के अनुसार, ये पांचों पहलें सामूहिक रूप से एक एकीकृत, आपस में संचालित होने वाले और नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं. उन्होंने कहा कि इन पहलों से स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण में सुधार होने, पारदर्शिता बढ़ने, प्रशासनिक बोझ कम होने और देश भर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होने की उम्मीद है.

