दिल्‍ली-एनसीआर

प्रशासनिक अनुभव और कूटनीति का संगम, तरनजीत सिंह संधू बने दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल

दिल्ली: शासन और प्रशासन में आज से एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है. अनुभवी पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण की. दिल्ली के सिविल लाइन्स स्थित लोक निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, दिल्ली के सांसद और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे. संधू ने विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है, जिन्हें अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है.

समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उपराज्यपाल को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि उनके दीर्घकालिक अनुभव से दिल्ली के विकास को नई गति मिलेगी. गौरतलब है कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में उपराज्यपाल कार्यालय और दिल्ली सरकार के बीच अधिकारों की जंग अक्सर सुर्खियों में रही है. ऐसे में एक ‘करियर डिप्लोमैट’ रहे संधू से उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी कार्यशैली से विवादों को कम कर विकास को प्राथमिकता देंगे.

राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण, यमुना की सफाई और अनधिकृत कॉलोनियों के बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे मुद्दे नए उपराज्यपाल की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर हो सकते हैं।. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय द्वारा शपथ दिलाए जाने के साथ ही संधू ने विधिवत रूप से कार्यभार संभाल लिया है. अब दिल्ली की जनता और राजनीतिक विशेषज्ञ अब यह देखने को उत्सुक हैं कि एक कुशल रणनीतिकार के रूप में पहचाने जाने वाले संधू दिल्ली के “सुपर बॉस” के रूप में अपनी पारी का आगाज किस प्रकार करते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *