उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में 180 दिनों के लिए हड़ताल पर बैन, सरकार ने लागू किया ESMA

उत्तर प्रदेश: सरकार ने प्रदेश में अगले 6 महीने तक हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है. कार्मिक अनुभाग-4 द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 की धारा 3 की उपधारा 1 के तहत यह आदेश जारी किया है. यह आदेश गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू माना जाएगा.

प्रमुख सचिव कार्मिक एवम् नियुक्ति एम देवराज ने बताया कि अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध दो प्रमुख श्रेणियों की सेवाओं पर लागू होगा. पहला, उत्तर प्रदेश राज्य के कार्यकलापों के संबंध में आने वाली कोई भी लोक सेवा. और दूसरा, राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी भी निगम और किसी भी स्थानीय प्राधिकरण के अधीन आने वाली सेवाएं शामिल हैं.

UP government bans strikes

सरकार का मानना है कि इन सेवाओं में किसी भी प्रकार की हड़ताल से आम जनजीवन और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बाधित हो सकती है. इसलिए लोकहित में 6 महीने तक हड़ताल को प्रतिबंधित करना आवश्यक और समीचीन है.

उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 राज्य सरकार को यह अधिकार देता है कि वह सार्वजनिक महत्व की सेवाओं में हड़ताल होने की संभावना पर रोक लगा सके.

इस कानून का उपयोग पहले भी तब किया जाता रहा है जब बिजली, पानी, परिवहन, स्वास्थ्य जैसी सेवाओं के बाधित होने का अंदेशा होता है.

अधिसूचना पर प्रमुख सचिव देवाभाई के डिजिटल हस्ताक्षर हैं. सरकार के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के सरकारी विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों के कर्मचारी संगठन 6 महीने तक हड़ताल या कार्य बहिष्कार नहीं कर सकेंगे.

मानसून के दौरान आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखने के लिए सरकार ने यह एहतियाती कदम उठाया है.हालांकि कर्मचारी संगठनों की इस पर क्या प्रतिक्रिया रहती है, इस पर सभी की नजरें होंगी.

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