गाजियाबाद : जनगणना 2027 को लेकर गाजियाबाद जिला प्रशासन द्वारा तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जनगणना के लिए 9000 से अधिक कार्मिकों की ड्यूटी लग चुकी हैं. 19 अप्रैल से गाजियाबाद में जनगणना में शामिल होने वाले कार्मिकों की ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को जिला प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया है और संबंधित विभाग को कर्मचारी के वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं. कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर जिला प्रशासन अब FIR भी दर्ज करवाएगा.
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एम ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को प्रशिक्षण में समय से हाजिर होने और इसे गंभीरता से लेने के लिए सुनिश्चित करें. यदि कोई कार्मिक प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहता है या फिर कार्य के प्रति लापरवाही करता है तो उसके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्यवाही की जाएगी. आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने की भी कार्यवाही की जाएगी. डीएम ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी विभाग द्वारा अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण के संबंध में अवगत नहीं कराया जाता है तो संबंधित विभाग अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी.

जनगणना को लेकर गाजियाबाद में तमाम तैयारियां पूर्ण कर ली गई है. जनगणना को लेकर कार्मिकों का प्रशिक्षण 19 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है. नगर निगम क्षेत्र में जोनल ऑफिसर और तहसील क्षेत्र में सभी तहसीलदार को चार्ज ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई है. जिले में कुल 7848 गणना ब्लॉक बने हुए हैं. जिला प्रशासन द्वारा 9456 कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है. जनगणना दो चरणों में होगी पहले चरण (7-21 मई) में मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना की जाएगी. जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना होगी-सौरभ भट्ट,एडीएम फाइनेंस
गाजियाबाद में जनगणना को लेकर प्रशिक्षण 19 अप्रैल से शुरू हो चुका है, जो पांच मई तक जारी रहेगा. जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में होगी. यानी कि कार्मिकों द्वारा एप्लीकेशन के माध्यम से डाटा फीड किया जाएगा.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में गैर हाजिर होने वाले कार्मिकों पर जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने की कवायद शुरू कर दी गई है. 19 अप्रैल को प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित 8 कार्मिकों को जिला प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया है. संबंधित कार्मिकों के वेतन रोकने के लिए निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कार्मिकों द्वारा बार-बार लापरवाही की जाती है तो एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी. बता दें कि SIR अभियान के दौरान भी जिला प्रशासन द्वारा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए थे. ऐसे कर्मचारी जिन्होंने नोटिस जारी होने के बावजूद भी SIR के कार्य में लापरवाही बरती थी. उन पर जिला प्रशासन द्वारा एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी. वहीं, दूसरी तरफ उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम का आयोजन कर सम्मानित भी किया गया था.

