उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने से लेकर टेक्सटाइल पार्क और रोबोटिक्स पार्क की स्थापना तक कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. इसके अलावा प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए आवास और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई.
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा. बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी इस सुविधा के दायरे में शामिल किया गया है. संबंधित कर्मचारियों के आश्रितों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है. इस फैसले से शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.
विकास की व्यापक दृष्टि, जनकल्याण के ठोस निर्णय!
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर मंत्रिपरिषद बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में आधारभूत ढांचे के विकास, औद्योगिक विस्तार, शिक्षा, युवा कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा सहित प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण से… pic.twitter.com/6oO9xZyQYo
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) October 27, 2026
प्रयागराज में 845 आवास बनाने को मंजूरी
प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने के प्रस्ताव को वित्तीय मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही शहर में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने की योजना को भी मंजूरी मिली है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य संबंधित वर्गों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाना है.
टेक्सटाइल और रोबोटिक्स पार्क को बढ़ावा
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में 1,000 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का प्रस्ताव पास किया गया है. इसके लिए मास्टर डेवलपर के चयन को भी मंजूरी दी गई. इसके अलावा PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना का फैसला लिया गया है.
साइबर सुरक्षा के लिए बनेगा ऑपरेशन सेंटर
कैबिनेट ने साइबर सुरक्षा ऑपरेशन सेंटर की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इस पहल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है. बैठक में मंजूर किए गए 22 प्रस्तावों में शिक्षा, आवास, औद्योगिक विकास और तकनीक से जुड़े कई अहम विषय शामिल रहे.

