दिल्‍ली-एनसीआर

तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस, दिल्ली की रकाबगंज गुरुद्वारा पहुंचे उपराष्ट्रपति और CM रेखा गुप्ता

दिल्ली: देश के उपराष्ट्रपति क राधाकृष्णन रकाबगंज गुरुद्वारा पहुंचे. इस दौरान उनके साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350 भी शहादत पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में रकाबगंज गुरुद्वारा में हिस्सा लिया और गुरु अरदास की. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि भारत के माननीय उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ ऐतिहासिक गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में आज प्रातः दर्शन किए गए.

यह वही पावन स्थल है, जहां धर्म, मानवता और आस्था की रक्षा हेतु परम त्याग करने वाले श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया था. गुरु साहिब का अद्वितीय संदेश हमें निरंतर प्रेरित करता है कि हम सत्य के लिए अडिग रहें, अत्याचार के विरुद्ध निर्भीक होकर खड़े हों और प्रत्येक मानव के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें. दिल्ली की यह भूमि सेवा, बलिदान और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत साक्षी है.

दिल्ली में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस पर 25 नवंबर 2025 को पब्लिक हॉलिडे घोषित किया गया है. दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में ऐलान किया. उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के साहस, करुणा और धार्मिक स्वतंत्रता के संदेश हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे. दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि दिल्ली में दिल्ली सरकार की तरफ से गुरु तेग बहादुर जी की 350 की जयंती के अवसर पर गजेटेड छुट्टी का ऐलान किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीकानेर कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कल लाल किले पर गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर आधारित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और आज गृह अमित शाह दिल्ली के लाल किले पर पहुंचेंगे.

दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में आज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन-दिवसीय भव्य समागम का दूसरा दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के चरम पर दिखाई दे रहा है. सुबह से ही प्रांगण भक्तों की भीगी पलकें, हाथ जोड़े श्रद्धालु और गुरु साहिब के प्रति अटूट श्रद्धा से भरा दिख रहा है. देश-विदेश से आई संगत के कदम लगातार लाल किले की ओर बढ़ रहे हैं, जहां आज के कार्यक्रम विशेष रूप से विविध, आध्यात्मिक और अत्यंत भावुक करने वाले हैं.

दिन का आरंभ उस परंपरा के साथ हुआ, जो समागम की आत्मा बन चुकी है. वह है ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री शीशगंज साहिब से गुरु साहिब का पावन स्वरूप पालकी में रखकर लाल किला पंडाल तक लाने की परिक्रमा. अरदास और शब्द-सुमिरन के वातावरण में हजारों श्रद्धालु इस परिक्रमा में सम्मिलित हुए. यही पावन स्वरूप रात को पुनः गुरुद्वारे में स्थापित कर दिया जाएगा.

आज सुबह उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में मत्था टेका. यहां गुरु साहिब के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार हुआ था और इस स्थल पर श्रद्धा व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब का सत्य और मानवता के लिए अद्वितीय बलिदान हर नागरिक को साहस और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.

लाल किला प्रांगण में स्थापित विशेष म्यूजियम आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण बना हुआ है. यहां गुरु साहिब के जन्म, तपस्या, उनकी यात्राओं और शहादत तक की पूरी इतिहास-गाथा को चित्रों, दस्तावेजों और दुर्लभ संस्मरणों के माध्यम से दर्शाया गया है. लोग सुबह से ही कतारों में खड़े होकर इस प्रेरक इतिहास-यात्रा का दर्शन कर रहे हैं. इसके अतिरिक्त ऑडियो-वीडियो म्यूजियम में शहादत की गाथा को विशेष दृश्य-श्रव्य तकनीक से प्रस्तुत किया गया है, जो आने वालों को गहरे भाव में डूबो देता है.

संगत के लिए चौबीसों घंटे चल रहा विशाल लंगर आज भी उसी उत्साह, सेवा-भाव और प्रेम से संचालित होता रहा. पूरी व्यवस्था में सेवा स्वयंसेवकों की लगन और समर्पण विशेष रूप से दिखाई दे रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *