दिल्‍ली-एनसीआर

भारत में 180 दिनों से अधिक समय तक रुकने वाले विदेशियों के लिए बदले नियम

दिल्ली: केंद्र सरकार ने आव्रजन एवं विदेशी नियम 2025 में हुए नए बदलावों को अधिसूचित कर दिया है. इन बदलावों के अनुसार 180 दिनों या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आने वाले विदेशियों को अब वीजा अवधि से आगे रहने की इच्छा होने पर 180 दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले ही पंजीकरण कराना होगा. नियमों के उल्लंघन, जाली दस्तावेजों का उपयोग करने या अवैध प्रवेश पर 7 साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

नया नियम पूर्व नियम का स्थान लेगा जिसके तहत भारत में आगमन के 180 दिनों की समाप्ति के चौदह दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य था. आव्रजन एवं विदेशी नियम, 2025 (इसके बाद उक्त नियम कहा गया है), नियम 12, उप-नियम (1) में, तीसरे पैरा में “भारत में उसके आगमन के एक सौ अस्सी दिनों की समाप्ति के चौदह दिनों के भीतर” शब्दों के स्थान पर “उक्त एक सौ अस्सी दिनों की अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय” शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे.”

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के बाद विलंबित पंजीकरण केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही दिया जाएगा.राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के माध्यम से जारी किए गए ये संशोधन आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 की धारा 30 के अंतर्गत तैयार किए गए हैं और प्रकाशन के तुरंत बाद प्रभावी हो गए हैं.

इन संशोधनों से उन मामलों में भी राहत मिलती है, जिनमें अलग-अलग राष्ट्रीयता वाले माता-पिता से जन्मे बच्चे शामिल हैं. अधिसूचना के अनुसार, पंजीकरण की आवश्यकता उन मामलों में लागू नहीं होगी जहां माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है.

हालांकि, यदि ऐसा बच्चा भारत में रहते हुए बाद में किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो माता-पिता को 30 दिनों के भीतर पंजीकरण अधिकारी को सूचित करना होगा.अधिसूचना में नियमों के तहत रिपोर्टिंग आवश्यकताओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित प्रावधानों को भी संशोधित किया गया है.

एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन नागरिक अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों के विरुद्ध अपील से संबंधित है. ऐसे निर्देशों से पीड़ित मालिक या संरक्षक अब 30 दिनों के भीतर एक निर्दिष्ट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आव्रजन ब्यूरो के आयुक्त के समक्ष इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपील दायर कर सकते हैं. आयुक्त को सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करना होगा और अपील प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर उनका निपटारा करने का प्रयास करना होगा.

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