दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह अप्रैल को रामेश्वरम के पास पंबन में भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल का उद्घाटन करेंगे. यह ब्रिज भारत के रेलवे बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और तमिलनाडु के लोगों के लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखता है.
नया पंबन रेलवे ब्रिज रामेश्वरम द्वीप और मुख्य भूमि के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करने वाली सौ साल पुरानी प्रतिष्ठित संरचना की जगह लेगा. 535 करोड़ रुपये की लागत से बना यह अत्याधुनिक वर्टिकल-लिफ्ट ब्रिज भारत में अपनी तरह का पहला है.
The New Pamban Bridge soars above the waves, ushering in enhanced connectivity and modern innovations. pic.twitter.com/AeDbXpljol
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) April 5, 2025
पुराने मैन्युअल रूप से संचालित कैंटिलीवर ब्रिज के विपरीत, नई संरचना में नई टेक्नॉलाजी से बने यह ब्रिज लिफ्ट की तरह काम करता है, जिससे यह समुद्री यातायात के लिए ऊपर उठ सकता है.
समुद्र के ऊपर लगभग 2.08 किलोमीटर तक फैला यह पुल समुद्र तल से 17 मीटर ऊपर है और इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है. इसे भारतीय रेलवे द्वारा इंजीनियरिंग का चमत्कार माना जाता है और यह तमिलनाडु के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रामेश्वरम के लिए यात्री रेल संपर्क को फिर से शुरू करने के लिए तैयार है.
प्रधानमंत्री वर्तमान में श्रीलंका की दो दिवसीय राजनयिक यात्रा पर हैं, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया और उन्हें प्रतिष्ठित श्रीलंका मित्र विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया, यह उनका 22वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है. उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत-श्रीलंका-यूएई त्रिपक्षीय सम्पुर सौर ऊर्जा परियोजना का शुभारंभ किया.
श्रीलंका में अपने कार्यक्रमों के समापन के बाद, पीएम मोदी 6 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर से अनुराधापुरा से प्रस्थान करेंगे और 11:45 बजे रामनाथपुरम जिले के मंडपम में लोक निर्माण विभाग के हेलीपैड पर उतरेंगे.
पीएम की सुरक्षा को देखते हुए 5 अप्रैल की शाम से लेकर 6 अप्रैल को प्रधानमंत्री के दौरे के पूरा होने तक पंबन, मंडपम, थंगाचिमदम, अक्कलमदम और रामेश्वरम द्वीप सहित संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा. पुलिस ने इसके उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
वहीं मत्स्य विभाग ने एहतियात के तौर पर मछुआरों को 6 अप्रैल तक समुद्र में न जाने का निर्देश दिया है. साथ ही लोगों को सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए कहा गया है.

