दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत से ओलंपिक खेलों में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक की तैयारियों के तहत देश को उन खेलों में भी एथलीट तैयार करने चाहिए जिनमें पारंपरिक रूप से उसकी भागीदारी बहुत कम या बिल्कुल नहीं रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन में तभी सुधार हो सकता है जब देश उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाए जिनमें उसने अतीत में हिस्सा नहीं लिया है.
‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान युवाओं को वर्चुअली संबोधित करते हुए, PM मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है.

पीएम ने कहा, ‘इस बार, लाल किले से मैंने देश का ध्यान खेलों से जुड़ी एक बड़ी चुनौती की ओर आकर्षित किया. यह चुनौती ओलंपिक से जुड़ी है. कड़वा सच यह है कि ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की टीमें हिस्सा ही नहीं लेती हैं.’
बता दें कि पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था.
उन्होंने कहा, ‘हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते. दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है. दुनिया के दूसरे देश उन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते. पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी.’
Khelo India has become a wonderful platform for nurturing sporting talent across the country. It is providing young athletes with opportunities and support to pursue their dreams.@kheloindia
https://t.co/hj8qEJRj09— Narendra Modi (@narendramodi) August 27, 2026
इस पहल को 2036 ओलंपिक के लिए भारत की तैयारियों से जोड़ते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि ध्यान सिर्फ़ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन खिलाड़ियों की पहचान करने पर भी होना चाहिए जो आगे चलकर इन खेलों के लिए क्वालिफाई कर सकें और उनमें हिस्सा ले सकें.
उन्होंने कहा, ‘जब हम 2036 ओलंपिक की तैयारी की बात करते हैं, तो हमारा ध्यान ऐसे खिलाड़ी तैयार करने पर होना चाहिए जो अलग-अलग खेलों में क्वालिफाई करेंगे और हिस्सा लेंगे.’
बता दें कि पीए मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके.
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से घोषित टैलेंट की पहचान करने वाली मुहिम 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों पर केंद्रित होगी. इसका मकसद युवाओं को सिर्फ उन खेलों से नहीं जोड़ना है जो उन्हें पसंद हैं, बल्कि उन खेलों से जोड़ना है जिनमें उनमें सबसे ज्यादा क्षमता है.
‘इसीलिए मैंने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से 5 से 15 साल की उम्र के खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक बड़े टैलेंट हंट की घोषणा की थी. और हमें सिर्फ यह नहीं देखना है कि किस बच्चे की किस खेल में दिलचस्पी है. हमें यह भी तय करना है कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए उपयुक्त है. हमें उस बच्चे को उसी के अनुसार ट्रेनिंग देनी होगी.’
पीएम मोदी ने युवा प्रतिभागियों को भरोसा दिलाया कि खेल में करियर बनाने के दौरान सरकार उन्हें जरूरी मदद देगी. और मैं आप सभी को भरोसा दिलाता हूं कि आपको जिस भी मदद की जरूरत होगी, सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी.

