दिल्ली: राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित होने वाले ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से ठीक पहले पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया है. पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और इलाके में लागू पाबंदियों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है.
अभिजीत दिपके और उनके सहयोगी अपने गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग और उनके विरोध में कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क से ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने की तैयारी में थे. मार्च के जरिए वे सार्वजनिक रूप से विरोध जताने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का दावा कर रहे थे. हालांकि, कार्यक्रम के शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर अभिजीत दिपके को रोक दिया और रानी झांसी रोड स्थित जिस आवास में अभिजीत दिपके रुके थे, वहां से उन्हें हिरासत में ले लिया. बीते छह दिनों में यह दूसरी बार है जब अभिजीत को हिरासत में लिया गया है.
#WATCH दिल्ली: जब CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, NCP-SCP के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास से रवाना हुए तो एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम आपको प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) में ले रहे हैं। कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू है। आपको हिरासत में लिया जा रहा है…"
CJP ने आज कनॉट प्लेस… pic.twitter.com/NT2PRyu8tZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 16, 2026
आयोजन की संवेदनशीलता और लुटियंस दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक व सार्वजनिक केंद्र कनॉट प्लेस में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने पहले ही एहतियाती कदम उठा लिए थे. नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए आम जनता और किसी भी प्रकार की गतिविधियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया था.
इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 144) का हवाला दिया. पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना था कि इलाके में किसी भी प्रकार के अनधिकृत जुलूस, सभा या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी. सुरक्षा स्थिति को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, ताकि शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके.
किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है, विशेषकर कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में. धारा 163 लागू होने के कारण किसी भी समूह को एक जगह एकत्रित होने या मार्च निकालने की इजाजत नहीं थी. जब आयोजकों ने चेतावनियों के बावजूद आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें एहतियातन हिरासत में लेना पड़ा.

