उत्तर प्रदेश

रामलला के मंदिर में विराजने के बाद पहली बार 6 दिसंबर को अयोध्या के मंदिरों से निकलेगी राम बारात

उत्तर प्रदेश: राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार श्रीराम विवाह का उत्सव धूमधाम से मनाने की तैयारी है. राम नगरी के अलग-अलग मंदिरों से 6 दिसंबर को राम बारात निकाली जाएगी. विवाह पंचमी का मुहूर्त 6 दिसंबर को ही पड़ रहा है. अयोध्या के लिए यह तिथि बेहद खास मानी जाती है. मठ मंदिरों में इस उत्सव को मनाया जाएगा. अयोध्या के संत-महंत दशरथ, जनक और महर्षि की भूमिका में नजर आएंगे.

अयोध्या में राम बरात की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. बारात के पूर्व श्रीराम को दूल्हे की तरह सजाया जाएगा. हिंदू रस्मों के अनुसार मंगल पूजा, हल्दी रस्म, मेहंदी रस्म का भी आयोजन किया जाएगा. 6 दिसंबर को विधि-विधान से पाणिग्रहण संस्कार की रस्म भी पूरी की जाएगी. श्रद्धालु कन्यादान में यथाशक्ति आदिशक्ति को अपनी भेंट समर्पित करेंगे. इस पूरे कार्यक्रम को भव्यता देने की खास तैयारी की जा रही है.

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि इस बार श्रीराम की बारात 26 नवंबर को नेपाल के जनकपुरधाम जाएगी. जिस प्रकार से धूमधाम से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसी प्रकार प्रभु राम का विवाह भी धूमधाम के साथ होगा. जनकपुर के लोगों ने भी तैयारी शुरू कर दी है. जनकपुर से 18 नवंबर को रामलला का तिलक भी आएगा.

बता दें कि अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को श्री राम जन्मभूमि पर स्थित विवादित ढांचे को लाखों कारसेवकों ने ढहा दिया था. इसके बाद से इस दिन पर अयोध्या की सुरक्षा बेहद सख्त कर दी जाती है. वहीं 6 दिसंबर को अयोध्या के मठ मंदिरों और हिंदू संगठनों के की ओर से भी इस दिन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है.

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