उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले सिल्क एक्सपो का मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उद्घाटन किया. इसके साथ ही रेशम मित्र पत्रिका का विमोचन किया. इसके साथ 16 कृषकों, उद्यमियों, संस्थाओं व डिजाइनरों को पं. दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान प्रदान किया. सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया.
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रेडिमेट गारमेंट्स में दुनिया के छोटे-छोटे देशों की धमक है. जिन लोगों के पास संसाधन कम और संभावनाएं न के बराबर हैं, वे आगे बढ़ चुके हैं. हमारे पास संभावना और संसाधन भी है. काम चाहने वाली आधी आबादी के बड़े तबके को रेशम उत्पादन, प्रोसेसिंग, रेडिमेड गारमेंट, डिजाइनिंग, मार्केटिंग, पैकेजिंग के साथ जोड़ लें तो दुनिया में रेडिमेड गारमेंट में धमक बनाने वाले देशों का स्थान उत्तर प्रदेश व भारत ले सकता है. इस संभावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ लेना चाहिए. सीएम ने कहा कि हमने रेशम उत्पादन को 84 गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है. एक समय वह जरूर आ सकता है, जब यूपी का किसान रेशम उत्पादन में देश में अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा.
सीएम योगी ने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश ने परंपरागत उत्पाद को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं. उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने परंपरागत उत्पाद के लिए पॉलिसी बनाई. 75 जनपदों के लिए वहां के एक उत्पाद को चिह्नित करते हुए आगे बढ़ाया. यही कारण है कि 75 जनपद का यूनिक प्रोडक्ट है. जिसे हमने वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट कहा.
आज लखनऊ में सिल्क एक्सपो-2024 के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित हुआ।
इस अवसर पर 'रेशम मित्र' पुस्तिका के विमोचन के साथ ही रेशम उत्पादन एवं इसके प्रोत्साहन हेतु अलग-अलग श्रेणियों में विशिष्ट कार्य करने वाले महानुभावों को 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न पुरस्कार' से सम्मानित भी… pic.twitter.com/vovs33k0dF
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 22, 2024
ओडीपीओपी को सरकार ने मार्केट, डिजाइनिंग, पैकेजिंग से जोड़ा तो इससे रोजगार का सृजन हुआ और परंपरागत उत्पादों का एक्सपोर्ट भी प्रारंभ हुआ. यूपी के 75 जनपदों में 75 जीआई प्रोडक्ट हैं, जिन्हें देश के अंदर मान्यता प्राप्त हुई है. यह संभावना यूपी में हैं. वाराणसी, भदोही व मुबारकपुर की साड़ियों के माध्यम से भी यूपी के पोटेंशियल को बढ़ाने का अवसर प्राप्त होता है. सिल्क एक्सपो इस फील्ड में यूपी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बने, इस पर हमें प्रयास करना होगा.
सीएम योगी ने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान का नारा सदैव से प्रचलित रहा है. जीव सृष्टि व किसी भी व्यक्ति के लिए हवा-पानी तो आवश्यक है ही, लेकिन रोटी, कपड़ा, मकान भी आवश्यक है. कपड़ा न सिर्फ जीवन की आवश्यकता है, बल्कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही रोजगार सृजन का भी सशक्त माध्यम भी है. रेशम, प्राचीन काल से ही इसकी अलग-अलग पद्धतियां रही हैं. 25 करोड़ की आबादी वाले यूपी में इस फील्ड में अनेक संभावनाएं विकसित हो सकती हैं. उप्र ने पिछले कुछ समय में प्रगति की है. पहले की तुलना में यह संतोषजनक है, लेकिन अभी उप्र जैसे बड़े राज्य की दृष्टि से यह अपर्याप्त है. यहां अत्यंत संभावनाएं हैं.
सीएम ने कहा कि आजमगढ़ के मुबारकपुर के साड़ी उद्योग से जुड़े उद्यमियों, मीरजापुर, वाराणसी व भदोही के सिल्क कलस्टर की प्रगति को देखकर लगता है कि इसमें बहुत गुंजाइश है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ-हरदोई बार्डर पर पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल्स पार्क का वृहद रूप) विकसित होने जा रहा है. एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में इसमें टेक्सटाइल्स से जुड़े अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं. यह उप्र की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का माध्यम है, लेकिन रॉ मटेरियल हमें ही तैयार करना होगा.
किसान यदि इस दिशा में आगे बढ़ते हैं तो प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चल रही हैं. विभाग इन योजनाओं के बारे में हर जनपद में संगोष्ठी, सेमिनार, प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद करे और प्रोसेसिंग-ट्रेनिंग प्रोग्राम से जोड़े. केवल गोरखपुर मंडल ही नहीं, वाराणसी, मीरजापुर, लखनऊ, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़ में भी संभावनाएं बढ़ेंगी.
सीएम योगी ने कहा कि रेशम के वस्त्र स्वदेशी तकनीक पर आधारित हैं. तकनीक को हमें समयबद्ध तरीके से इंप्रूव करना होगा. उसके साथ हमें जोड़ना होगा. खादी में पहले हाथ से चलना वाला चरखा था, इसके बाद इलेक्ट्रिक चरखा आया. बिजली का खर्च बढ़ा तो रफ्तार भी पांच से दस गुना बढ़ गई. बिजली के खर्चे को कम करने के लिए अब सोलर चरखा भी आ चुका है. ऐसे ही रेशम के प्रोडक्ट को प्रोसेसिंग के साथ जोड़ेंगे, कताई के कार्यक्रम को जोड़ने के लिए भी उस प्रक्रिया का पालन करना होगा. सीएम ने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजमर्रा के कार्यों के साथ महिलाओं के स्वावलंबन को आगे बढ़ा सकते हैं. महिला सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति के अंतर्गत पीएम मोदी के विजन के अनुरूप ऐसे कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं.

