उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में 9 लाख युवाओं की सरकारी नौकरियों में भर्ती हुई है. हम पूरी पारदर्शिता से भर्ती कर रहे हैं और नियुक्ति पाने वाले अधिकारियों से उम्मीद करते हैं कि वह भी पूरी पारदर्शिता से जनता की सेवा करें.
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 के तहत 21 विभागों के लिए चयनित 932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए.
लोक भवन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी लोक सेवा आयोग के मार्च में घोषित परिणाम के आधार पर ये अधिकारी 21 विभागों में जाएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा, आपको और आपके अभिभावकों को बधाई देता हूं.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 18, 2026
उन्होंने कहा कि UPSSC ने पूरी पारदर्शिता से भर्ती की है. प्रगति की ओर वही जा सकता है, जिसने मेहनत से पद पाया होगा. जो व्यक्ति सिफारिश और पैसे के लेनदेन से पद पाता है. वह राज्य को प्रगति की जगह दुर्गति की ओर ले जाता है. इसी वजह से यूपी बीमारू हो गया था
प्रदेश के बाहर यूपी की पहचान छुपाता था. मुख्यमंत्री ने आगे कहा, आपको नकल विहीन परीक्षा देने का मौका प्राप्त हुआ था. आपको चयन की प्रक्रिया में भी शुचितापूर्ण व्यवस्था मिली. क्या 2017 से पहले यह संभव था? सभी 932 अधिकारी सीधे नियुक्ति पाने के अधिकारी हैं.
सीएम ने कहाकि यूपी में हमने 9 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं. हमने ईमानदारी से नौकरी दी है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शासन योजनाएं बनाता है, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन का काम अधिकारियों का होता है. परिणाम की जिम्मेदारी इसी तंत्र की होती है. हमने यूपी को बॉटम थ्री से टॉप थ्री तक पहुंचाया है. जो अधिकारी यूपी में काम कर लेगा, वह हर जगह काम कर लेगा.
मुख्यमंत्री ने नए अधिकारियों को सलाह देते हुए कहा, जैसे पारदर्शी तरीके से आपका चयन हुआ है, ठीक वैसे ही पारदर्शी तरीके से आपको भी प्रदर्शन करना होगा. पहले 10 साल का काम आपके लिए पुख्ता नींव होगी. यही आपको जीवन भर सुखद अनुभूति कराएगा.
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने जोर देकर कहा कि मेहनत और पारदर्शिता से मिला पद ही सच्ची प्रगति देता है. 2017 से पहले की भर्तियों में अनियमितताएं आम थीं, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया नकल मुक्त और शुचितापूर्ण है.
सीएम ने कहाकि नए अधिकारियों से उम्मीद है कि वे जनता की सेवा में पूरी निष्ठा से काम करेंगे और प्रदेश को और आगे ले जाएंगे. यह भर्ती युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है. सरकार का दावा है कि 9 लाख नौकरियां ईमानदारी से दी गई हैं, जो सुशासन की मिसाल है.
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, मंत्री दयाशंकर सिंह, दारा सिंह चौहान और ओमप्रकाश राजभर भी मौजूद रहे.
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आने वाला समय भारत का और उत्तर प्रदेश का है. हमारा प्रदेश सुशासन का प्रतीक है. जहां भी पोस्टिंग मिले, गरीब को अमीर बनाने के प्रयास में जुट जाएं. ईमानदार अफसरों का बहुत नाम होता है. सभी सरकारी योजनाएं परिवारों तक ईमानदारी से पहुंचनी चाहिए.

