उत्तर प्रदेश

मानव-वन्य जीव संघर्ष पर मुख्यमंत्री गंभीर, वन मंत्री को निर्देश- लखीमपुर और पीलीभीत जिलों का करें दौरा

उत्तर प्रदेश: सूबे के कई इलाके तेंदुए-भेड़ियों के आतंक से जूझ रहे हैं. अकेले बहराइच में ही भेड़िए अब तक 10 लोगों की जान ले चुके हैं. वन विभाग समेत अन्य टीमें लगाचार गश्त कर रही हैं, इसके बावजूद आदमखोर भेड़िए पकड़ में नहीं आ रहे हैं. इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानव और वन्य जीव संघर्ष की दृष्टि से संवेदनशील जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि सरकार हर नागरिक के जीवन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे जिले जो कि वन्य जीवों की दृष्टि से संवेदनशील हैं, वहां सुरक्षा के सभी प्रबंध किए जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे जिलों में प्रशिक्षित टीम की गश्त बढ़ाई जाए. जहां आवश्यकता हो, अतिरिक्त मैनपॉवर लगाएं साथ ही, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए.

सोमवार रात मुख्यमंत्री ने बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, श्रावस्ती, मुरादाबाद, हापुड़, सीतापुर, गोंडा, मेरठ, बिजनौर और बरेली के जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और वन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर हाल के दिनों में घटित तेंदुआ व भेड़िया के हमलों से उपजी स्थितियों की समीक्षा की. बैठक में वन मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव गृह, अपर मुख्य सचिव वन, सभी एडीजी जोन, मण्डलायुक्तों व जिलाधिकारियों की सहभागिता भी रही.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आदमखोर भेड़िये या तेंदुए द्वारा हमले किए जाने की घटना देखने को मिली है. इससे जनहानि भी हुई है. इस स्थिति को यथाशीघ्र नियंत्रित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वन्य जीवों को हर हाल में नियंत्रित करने, पकड़ने का प्रयास किया जाए. इसके लिए तकनीकी सहयोग भी लिया जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि हर जिले की अलग स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव की अलग-अलग कार्ययोजना बनाई जाए.

 मुख्यमंत्री ने बिजनौर और मुरादाबाद दौरे से लौटे वन मंत्री से स्थिति की जानकारी ली और मंगलवार को पीलीभीत और लखीमपुर खीरी का दौरा करने के निर्देश दिए. ‌मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीवों के हमले की स्थिति में बचाव के लिए प्रशासन, पुलिस, वन विभाग, स्थानीय पंचायत, राजस्व विभाग क्षेत्र में व्यापक जन जागरूकता पैदा किया जाए. लोगों को सुरक्षा के उपायों के बारे में बताएं.

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