दिल्ली : ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की.इस दौरान नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की. साथ ही विपक्ष ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और चुनाव में वोट चोरी की जा रही है. नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा.
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “राष्ट्रपति ने हमारी बात को किसी भी तरह नहीं नकारा; उन्होंने हमारे बयान को स्वीकार किया और ‘चुनाव में धांधली’ के सबूत मांगे.”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को सौंपे गए हमारे ज्ञापन में साफ कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रची है. राहुल गांधी ने कहा मैंने राष्ट्रपति मुर्मू से कहा कि ‘चुनाव चोरी’ का सबूत देश को पता है, एक के बाद एक राज्य चोरी किए गए हैं.
INDIA bloc leaders met President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan and submitted a memorandum to the President.
(Source: AICC) pic.twitter.com/VUQuBSjho0
— ANI (@ANI) October 9, 2026
वहीं कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हमने चुनावों में मतपत्र की व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की; राष्ट्रपति ने ‘वोट चोरी’ के सबूत मांगे, जो हम उन्हें उपलब्ध कराएंगे.”
इसी क्रम में टीएमसी नेता व पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी नेकहा कि हम साथ हैं, हम बहुत मजबूत हैं और हम 60 प्रतिशत से अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसी तरह सीपीआई(एम) नेता एम. ए. बेबी ने कहा कि राष्ट्रपति ने हमारी बात धैर्यपूर्वक सुनी और हमारे आरोपों के लिए सबूत मांगे; हमने उन्हें भरोसा दिलाया कि हम ईसी की गड़बड़ियों के सबूत सौंपेंगे.
इससे पहले विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने ‘वोट चोरी’ जुड़े मामले और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को संसद परिसर से राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च शुरू किया था. उन्होंने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठकर ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर अपनी रणनीति पर मंथन किया. मार्च कर रहे नेताओं ने एक बड़ा बैनर ले रखा था, जिस पर ‘सेव डेमोक्रेसी’ (लोकतंत्र बचाओ) लिखा हुआ था. उन्होंने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगाए.

