उत्तर प्रदेश: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए आज शुक्रवार को का दिन बेहद खास है. शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सूरत बदलने और प्रदूषण से जंग जीतने के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाने के बाद नोएडा की सड़कों पर 100 नई इलेक्ट्रिक बसों को रवाना कर दिया गया. इस बेड़े की सबसे खास बात यह है कि इसमें पहली बार 10 आलीशान डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल की गई हैं.
यह पहली बार है जब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच इस स्तर पर इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत की गई है. इन बसों का संचालन नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम मिलकर करें रहे है. सेक्टर-90 में बने अत्याधुनिक बस डिपो से इन बसोंको ऑपरेट किया जाएगा, जहां हाईटेक फास्ट चार्जिंग स्टैशन्स लगाए गए हैं। ये बसें मात्र 2 घंटे में फुल चार्ज होकर सड़कों पर दौड़ने के लिए तैयार हो जाएंगी.
'नए भारत' का 'नया उत्तर प्रदेश' आज वर्ल्ड क्लास रोड कनेक्टिविटी के साथ-साथ उत्कृष्ट एयर कनेक्टिविटी के लिए भी जाना जाता है।
आज लखनऊ से गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं YEIDA क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली UPSRTC की 45 इलेक्ट्रिक बसों का फ्लैग ऑफ तथा नोएडा… pic.twitter.com/38gnKHp2jI
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 12, 2026
इन बसों यात्रियों की सहूलियत के लिए किराया भी बेहद किफायती रखा गया है. न्यूनतम किराया मात्र 10 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये तय किया गया है, जिससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. इस सेवा से सबसे ज्यादा फायदा ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौर सिटी) के लोगों को होगा, जिन्हें पहली बार सीधे सरकारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिल रही है. 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) की सेवाएं शुरू होने वाली हैं, और उससे ठीक पहले एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को आसान बनाने के लिए यह कदम मील का पत्थर साबित होगा.
इन 5 प्रमुख रूट्स पर चलेंगी बसें:
- बोटेनिकल गार्डन से परी चौक
- बोटेनिकल गार्डन से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)
- बोटेनिकल गार्डन से गौर सिटी चौक (ग्रेटर नोएडा वेस्ट)
- बोटेनिकल गार्डन से सूरजपुर होते हुए कलेक्ट्रेट
- भविष्य में इन्हें गाजियाबाद और दिल्ली से भी जोड़ने की तैयारी है.
नोएडा में प्रदूषण और पुअर एयर क्वालिटी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है. पर्यावरण और तेल के वैश्विक संकट को देखते हुए ये इलेक्ट्रिक बसें एक बड़ा योगदान देंगी. पहले चरण में हम 110 बसें शुरू कर रहे हैं, दिसंबर तक 100 और बसें जोड़ी जाएंगी. अगर पब्लिक का रिस्पॉन्स अच्छा रहा, तो हमारा लक्ष्य इस संख्या को 500 बसों तक ले जाने का है.
निश्चित रूप से इस कदम से सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम होगा, ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और नोएडा की हवा भी साफ होगी। लाखों यात्रियों के लिए अब सफर सस्ता, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल होने जा रहा है.

