दिल्ली: प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को आज से सीधे सील करने के आदेश दिए गए हैं. प्रदूषण की बदतर स्थिति और इसे रोकने के लिए गए कई फैसलों के बाद सोमवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने उक्त कड़े फैसले लेने की जानकारी दी. सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस कर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आज से दिल्ली में एक्सटेंसिव ड्राइव शुरू हो गई है. जितनी पोल्यूटिंग फैक्ट्रियाँ आइडेंटिफाई की हैं, उन पर सख्त कार्रवाई कर प्रॉपर्टीज़ को सील किया जाएगा. अब कोई नोटिस नहीं, कोई चांस नहीं, बहुत मौके दिए जा चुके हैं.
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जिन इंडस्ट्रीज़ ने ऑनलाइन कॉन्टिनुएयस ईमिशन मोनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) के लिए 31 तारीख तक अप्लाई नहीं किया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने कहा कि यह दिल्ली की स्वच्छ हवा की लड़ाई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर एक्शन जारी रहेगा. कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि आज से एमसीडी के सभी डिप्टी कमिश्नर, DPCC के साथ मिलकर गैर-कानूनी इंडस्ट्रीज़ पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए गए हैं. अवैध रूप से चल रही इंडस्ट्री, चाहे पॉल्यूटिंग हो या नॉन-पॉल्यूटिंग, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत सभी बंद कर दी जायेंगी. इसी आदेश के अनुसार एमसीडी द्वारा इन पर कार्रवाई की जा रही है. आज से शुरू की गई एक्सटेंसिव ड्राइव के तहत सभी पॉल्यूटिंग इंडस्ट्रीज़ को सख्ती से बंद किया जाएगा.
मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आज से दिल्ली में एक्सटेंसिव ड्राइव शुरू हो गई है। जितनी पोल्यूटिंग फैक्ट्रियाँ हमने आइडेंटिफाई की हैं, उन पर सख्त कार्रवाई कर प्रॉपर्टीज़ को सील किया जाएगा। अब कोई नोटिस नहीं, कोई चांस नहीं, बहुत मौके दिए जा चुके हैं।
इसके साथ ही जिन इंडस्ट्रीज़ ने… pic.twitter.com/wDJHpfx2Mq
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) December 22, 2025
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली में ग्रैप–4 लागू होने के साथ वर्क फ्रॉम होम का नियम भी लागू है. लेकिन इस दौरान जानकारी मिली है कि कुछ प्राइवेट कंपनियाँ इस नियम का पूरी तरह पालन नहीं कर रही हैं. ऐसी सभी कंपनियों से अपील है कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें. क्योंकि, अगर किसी प्राइवेट कंपनी के खिलाफ नाम के साथ शिकायत मिलती है, तो उस पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि ग्रेप 4 लागू होने के बाद अभी तक 612 नियम तोड़ने वाली इंडस्ट्रीज़ पर कार्रवाई की गई है. विगत चार दिनों में 1 लाख से अधिक PUCC सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं. पिछले दिनों में औद्योगिक इलाकों, रीडेवलपमेंट क्लस्टर्स और नॉन-कनफ़ॉर्मिंग क्षेत्रों में कुल 3,052 निरीक्षण किए गए थे. जांच में इंडस्ट्रियल एरिया की 251, रीडेवलपमेंट ज़ोन की 181 और नॉन-कनफ़ॉर्मिंग इलाकों की 180 यूनिट्स नियमों का पालन करती नहीं पाई गईं. इन 612 इंडस्ट्रीज़ के ख़िलाफ़ बंदी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि अन्य पर कार्रवाई की जा रही है. जवाबदेही तय करने के लिए क्षेत्रीय इंजीनियरों और ज़िला अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. जहां भी उल्लंघन मिलेगा, वहां सीधे ज़िम्मेदारी तय की जाएगी. साथ ही हालिया सर्वे में चिन्हित की गई इंडस्ट्रीज़ की दोबारा जांच के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं.

