उत्तराखंड: एक बार फिर से चारधाम यात्रा रफ्तार पकड़ने लगी है. इन दो महीनों में मानसून की बारिश ने यात्रा पर खलल डाला, लेकिन अब मानसून करीबन विदाई पर है तो यात्री चारधाम के दर्शनों के आने लगे हैं. खासकर केदारनाथ धाम में यात्रियों का हुजूम देखने को मिल रहा है. मानसूनी सीजन में करीब एक महीने तक यात्रा बंद रहने के बाद भी अभी तक 11 लाख 92 हजार यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं.
इन यात्रियों में सबसे ज्यादा तीर्थ यात्री पैदल यात्रा कर धाम पहुंचे हैं. वहीं, दूसरी ओर पैदल यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों ने एक अरब का व्यापार अभी तक कर दिया है. जबकि, अन्य स्थानीय लोगों को भी टेंट, दुकान, ढ़ाबे आदि के जरिए रोजगार मिला है. अब बारिश थमते ही एक बार फिर से यात्रा पड़ावों और केदार नगरी का नजारा मई-जून जैसा नजर आ रहा है.
जैसी भीड़ मई-जून में रहती है, वैसी ही भीड़ इन दिनों केदारघाटी में है. रोजाना 11 हजार से ज्यादा भक्त केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुंच रहे हैं. बीती 31 जुलाई को केदारनाथ पैदल मार्ग तबाह हो गया था, लेकिन अब यात्रा का नजारा देखकर ऐसा बिल्कुल भी प्रतीत नहीं हो रहा है कि पैदल मार्ग को कुछ नुकसान हुआ होगा. यात्रा पूरे जोर-शोर से चल रही है.
बाबा केदार के दर्शनों को पहुंच रहे भक्त भी दर्शन करके बेहद खुश हैं. अब करीब एक महीने कुछ दिन की यात्रा शेष बची हुई है. ऐसे में भक्त रिकॉर्ड संख्या में केदारपुरी पहुंच रहे हैं. श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के बाद नवरात्र शुरू हो रहे हैं. ऐसे में भक्तों की संख्या ओर बढ़ने की उम्मीद है. पिछले साल की तुलना में इस बार केदारनाथ धाम के कपाट करीब एक महीने पहले बंद होंगे और उम्मीद है कि इन बचे हुए दिनों में पांच लाख से ज्यादा भक्त केदारनाथ पहुंचेंगे, जो कि एक नया रिकॉर्ड बन जाएगा.
उत्तराखंड के चारों धामों में से सबसे ज्यादा यात्री हर साल केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ रहे हैं. चारों धामों में से सबसे कठिन यात्रा केदारनाथ की है. यहां की भौगोलिक परिस्थितियां भी अलग हैं. ऐसे में यहां व्यवस्थाएं जुटना काफी मुश्किल होता है. बावजूद इसके प्रशासन की ओर से यात्रियों को हर सुविधा मुहैया करवाने के प्रयास किए जाते हैं. प्रशासन की ओर से मुहैया करवाई जा रही सुविधाओं से यात्री भी खुश हैं.
केदारनाथ धाम पहुंच रहे भक्तों को किसी भी प्रकार की दिक्कतें न हों, इस बात का पूरा ख्याल रखा जा रहा है. केदार धाम समेत पैदल मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सेक्टर मजिस्ट्रेट और जवान तैनात हैं. इसके अलावा यात्रा की हरेक गतिविधि पर सीसीटीवी के जरिए भी नजर रखी जा रही है. यात्रा के शुरुआती चरण से ही साफ-सफाई, मेडिकल, गर्म पानी आदि सुविधाओं को प्रशासन की ओर से बढ़ाया गया था. धाम पहुंचने वाले यात्रियों से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाता है और जो कमियां यात्री बताते हैं, उनको दूर करने का प्रयास किया जाता है.
केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई 2024 को खुले थे. आज यानी 25 सितंबर को9,530 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए. जिसमें 6,259 पुरुष, 3,093 महिला और 178 बच्चे शामिल रहे. अभी तक केदारनाथ धाम में 11,92,900 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.

