उत्तराखंड: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन काल भैरव मंदिर में दर्शन पूजन किया. उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में भी विशेष पूजन किया. साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी जायजा लिया है. इसके बाद स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की.
सीएम योगी ने कहा कि मुझे याद है, जब 2017 में सरकार बनी थी, तब हम लोगों ने 1 जुलाई को स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की थी. उससे पहले मुझे प्रदेश के अंदर अलग-अलग जनपदों में जाने का अवसर प्राप्त हुआ था. मैंने इस बात को अनुभव किया था कि उस कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग के भवन की जर्जर स्थिति और बंदी के प्रकार की ओर पहुंच रहे विद्यालयों की स्थिति को भी देखा था.
#LIVE: वाराणसी में 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ एवं निपुण विद्यार्थियों के प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित होते मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी https://t.co/vj43PBicoX
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) April 4, 2026
एक जनपद के एक विद्यालय में गया था, जहां के प्रधानाचार्य ने मुझे बताया कि विद्यालय में अब लगातार बच्चों की संख्या कम हो रही है. 10 से कम की संख्या में बच्चे रह गए हैं. जब मैंने प्रश्न किया तो उन्होंने बताया कि बच्चों में पढ़ने की रुचि नहीं है, तो मैंने उनसे कहा बच्चों की पढ़ने में रुचि नहीं है या आप लोगों की पढ़ाने में रुचि नहीं है. दोनों में अंतर है.
CM योगी ने कहा कि शिक्षा केवल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने का या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है. यह मनुष्य को मनुष्य को बनाने के लिए उनको संस्कारित करने के लिए राष्ट्र के भविष्य को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है. उसके योजक के रूप में ईश्वर ने जो भूमिका शिक्षकों को दी है. अगर वह अपनी जिम्मेदारी का निर्माण करेंगे तो उसके बेहतरीन परिणाम होंगे.
सीएम ने कहा कि इस बात पर प्रसन्नता की अनुभूति कर सकता हूं कि उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा पर विद्यालयों के सभी शिक्षकों ने मेहनत और परिश्रम किया. ऑपरेशन कायाकल्प को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाने का प्रयास किया. आज परिणाम यह है कि ऑपरेशन कायाकल्प की बात आती है, तो भारत सरकार के नीति आयोग में भी देश के अंदर शिक्षा के सबसे जो स्टोरी में उत्तर प्रदेश के सबसे सक्सेस स्टोरी कायाकल्प को दिया है.
उन्होंने कहा कि कैसे 136000 से अधिक विद्यालय बुनियादी संसाधनों से युक्त हुए हैं. कैसे ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सामान्य शिक्षा के बारे में बच्चों के मन में जिज्ञासा बढ़ी है. उनको अक्षर और अंकों का ज्ञान हुआ है. इन उपलब्धियों ने उत्तर प्रदेश के अंदर बच्चों के अंदर स्कूल जाने की इच्छा को बढ़ाया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे थे. उनके साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी थे. वाराणसी में तीन दिवसीय महाराजा विक्रमादित्य पर महानाट्य के मंचन की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमपी के मुख्यमंत्री ने साथ की थी. शुक्रवार देर रात तक यह आयोजन चला.
मुख्यमंत्री खुद भी लगभग रात 10:00 बजे तक वहां मौजूद रहे. इसके बाद वह सर्किट हाउस रवाना हो गए थे. रात्रि विश्राम उन्होंने वाराणसी में किया. शनिवार सुबह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे. दोनों मंदिरों में दर्शन पूजन और विशेष पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय के लिए रवाना हुए.
सीएम योगी आदित्यनाथ शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से ही पूरे प्रदेश में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत कर रहे हैं. इस दौरान जिले के 5 निपुण विद्यालय, 5 निपुण बच्चे और 5 नव प्रवेशी बच्चों को सम्मानित करेंगे. परिसर में शिक्षा से जुड़े 12 स्टॉल लगाए गए हैं. मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री ने इन स्टॉलों का भी अवलोकन किया है.

