उत्तराखंड: राजधानी देहरादून में ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बन गया है. ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए राज्य सरकार कई प्रोजेक्ट पर काम भी कर रही है, लेकिन इन सबके बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग नीतिन गडकरी ने देहरादून को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अपने सपने के बारे में बताया, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रपोजल बनाकर देने का कहा है. केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी का सपना देहरादून में हवा से बात करने वाली डबल डेकर बस चलाने का है.
दरअसल, मंगलवार तीन जून को केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी देहरादून में निजी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आए थे. इस दौरान मंत्री नीतिन गडकरी ने छात्रों को संबोधित भी किया. अपने संबोधन में मंत्री नीतिन गडकरी ने कहा कि बच्चों को अच्छा एजुकेशन, लोगों को अच्छा पर्यावरण, रोजी रोटी, घर, साफ पानी और स्वास्थ्य जैसे दस मूलभूत सुविधाएं मिल जाए तो उत्तराखंड का डोमेस्टिक हैप्पी ह्यूमन इंडेक्स बढ़ेगा.
📍𝐃𝐞𝐡𝐫𝐚𝐝𝐮𝐧
Reviewed the progress of ongoing Ropeway Projects in Uttarakhand with Uttarakhand Chief Minister Shri @pushkardhami Ji and senior officials in Dehradun today. #Ropeway pic.twitter.com/mWohslR9Pr
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) June 3, 2025
साथ ही कहा कि देहरादून में काफी अधिक ट्रैफिक जाम है. हालांकि देहरादून शहर के बारे में वो ज्यादा नहीं जानते हैं लेकिन जब एक बार गाड़ी से आए थे. तब उन्हें पता चला कि शहर के भीतर काफी अधिक जाम की स्थिति रहती है. ऐसे में उनका एक सपना है, जिसको पूरा करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कहा कि वो उनको एक प्रपोजल भेजें.
केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने कहा कि वो चाहते है कि देहरादून के अंदर हवा में चलने वाली डबल डेकर बस को शुरू किया जाए. इस बस में करीब डेढ़ सौ लोग एक साथ हवा के जरिए ही एक जगह से दूसरे जगह पहुंच जाएंगे. साथ ही कहा कि सब कुछ संभव है, क्योंकि इंपॉसिबल शब्द का अर्थ होता है आईएम पॉसिबल. लिहाजा आने वाली समस्याओं को अभी से ही समझना होगा.
केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने कहा वर्तमान समय में कुछ लोग ऐसे हैं, जो समस्याओं को अपॉर्चुनिटी में कन्वर्ट कर देते हैं तो वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो अपॉर्चुनिटी को समस्याओं में तब्दील कर देते हैं. साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार में बहुत अच्छे और ज्ञानी अधिकारी हैं, लेकिन वो निर्णय नहीं करते हैं. ऐसे में क्या करना है, इन अधिकारियों के अच्छे होने का? ऐसे में फाइनेंशियल ऑडिट के साथ ही परफॉर्मेंस ऑडिट होना चाहिए. लिहाजा जो परफॉर्मेंस नहीं देते हैं उनकी छुट्टी कर देनी चाहिए. इसलिए निर्णय करो हां कुछ गलतियां हो सकती हैं, जिसको माफ किया जा सकता है, लेकिन इंटेंशन गलत है तो उसे सजा दे दो.

