उत्तराखंड

इतिहास में पहली बार कपाट खुलने के मौके पर बंद रही केदारपुरी, प्रसाद और पानी तक नहीं मिला

उत्तराखंड: इतिहास में पहली बार केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के मौके पर केदारपुरी बंद ही. कपाट खुलने के दौरान केदारपुरी की सभी दुकानें बंद रही. इस दौरान श्रद्धालु पानी, चाय के लिए भी तरसे। सारे भोजनालय बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को बिस्कुट और चॉकलेट खाकर ही अपना गुजारा करना पड़ा.

केदारनाथ के कपाट कल विधि-विधान पूर्वक सुबह सात बजे खोल दिए गए हैं. इस दौरान 28 हजार से ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे. लेकिन इतिहास में पहली बार कपाट खुलने के मौके पर सभी दुकानें बंद रही. तीर्थयात्री बाबा केदार का प्रसाद तक नहीं खरीद पाए. यहां तक की श्रद्धालुओं को पानी तक के लिए भी भटकना पड़ा.

केदारपुरी में बंद के कारण तीर्थयात्रियों को चाय और खाना भी नहीं मिल पाया. जिस कारण माइनस तापमान में भी लोगों को बिना चाय के ही रहना पड़ा. खाने के लिए लोगों को बिस्कुट, चॉकलेट खाकर ही पूरे दिन भूख मिटानी पड़ी. केदारपुरी में बंद के दौरान पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी का संचालन भी पूरी तरह से बंद रहा. जिस कारण यात्रियों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा.

दिनभर केदारपुरी की दुकानें बंद रही लेकिन शाम को प्रशासन ने व्यापारियों के साथ बात की. सफल वार्ता और लिखित आश्वासन पर हक-हकूकधारियों व तीर्थपुरोहितों ने दुकानें खोल दी। दुकानें खुलने पर प्रशासन और तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली. बता दें कि ये बंद अपने हकों के लिए बुलाया गया था. तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि केदारनाथ में उनके आवासीय भवनों के आगे गड्ढे किए जा रहे हैं जिससे भवनों को खतरा बना है. इसके साथ ही कई स्थानों पर बेवजह बार-बार खुदाई की जा रही है.

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