उत्तराखंड: धामी सरकार अब इतिहास रचने की तैयारी पूरी कर चुकी है. इस लिहाज से छह फरवरी की तारीख बेहद अहम होने जा रही है. छह फरवरी को न सिर्फ समूचे उत्तराखंड की बल्कि देश और खुद पीएम मोदी की भी उत्तराखंड पर निगाह रहेगी. दरअसल इसी दिन धामी सरकार उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल लाने जा रही है.
धामी सरकार का चिर प्रतिक्षित समान नागरिक संहिता कानून मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा के पटल पर पेश होने जा रहा है. इसकी तैयारी कर ली गई है. सोमवार को हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस बिल को विधानसभा के पटल पर मंगलवार को रखे जाने की सहमति बन गई है. इसके साथ ही छह फरवरी की तारीख उत्तराखंड के इतिहास के साथ साथ पूरे देश में एक ऐतिहासिक तारीख बनने जा रही है.
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने मीडिया को जो जानकारी दी है उसके मुताबिक विधानसभा में आयोजित कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में समान नागरिक संहिता कानून के मसौदे को सदन के पटल पर रखने की मंजूरी दे दी गई है. उन्होंने कहा है कि, कल विधानसभा में यूसीसी पर चर्चा की जाएगी.
आपको बता दें कि कार्यमंत्रणा समिति में जब यूसीसी का मसौदा लाने की बात आई तो विपक्ष ने पहले मसौदा पढ़ने की बात कही। नियमों का हवाला देते हुए विपक्ष के नेताओं ने मांग रखी कि पहले बिल का मसौदा उन्हे पढ़ने के लिए दिया जाए ताकि वो उसपर सवाल जवाब कर सकें. हालांकि सरकार ने ऐसा नहीं किया जिसके बाद नाराज विपक्ष ने समिति से इस्तीफे का ऐलान कर दिया.
वहीं यूसीसी को लेकर सीएम धामी की एक अपील भी सामने आई है. सीएम धामी ने विपक्ष से कहा है कि पहले उसे बिल सदन में आने देना चाहिए और उसके बाद उसे पढ़ने का समय निकालना चाहिए. सीएम धामी ने कहा है कि विपक्ष यूसीसी को लेकर भ्रम में है.

