उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रयागराज के महाकुंभ मेला में पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाई. यह धार्मिक यात्रा उन्होंने रविवार सुबह की, जब उन्होंने संगम तट पर गंगा में स्नान किया और मां गंगा से आशीर्वाद लिया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अपने परिवार के सदस्यों को भी संगम में स्नान कराया, जिससे धार्मिक वातावरण और भी श्रद्धा से भर गया.
सीएम धामी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट “X” पर एक संदेश पोस्ट किया जिसमें उन्होंने महाकुंभ के महत्व को लेकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की. उन्होंने लिखा, “आदिकाल से अध्यात्म, ज्ञान व आस्था के पवित्र संगम ‘महाकुंभ’ में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया और प्रभु से समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की.” इस संदेश के जरिए उन्होंने प्रदेशवासियों को आशीर्वाद देने के साथ-साथ कुंभ के महत्व को भी रेखांकित किया.
आदिकाल से अध्यात्म, ज्ञान व आस्था के पवित्र संगम ‘महाकुंभ’ में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया और प्रभु से समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।#एकता_का_महाकुम्भ pic.twitter.com/hNrUdycFnj
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 10, 2025
महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं का आस्था और विश्वास गंगा के प्रति अत्यधिक होता है, और यह अवसर उन्हें अपनी धार्मिक आस्थाओं को सशक्त रूप से व्यक्त करने का मिलता है. सीएम धामी के साथ उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे, और इस धार्मिक यात्रा का उद्देश्य न केवल आत्मिक शांति प्राप्त करना था, बल्कि प्रदेश के हर नागरिक की समृद्धि की कामना भी थी.
महाकुंभ के आयोजन स्थल पर पहुंचे संतों ने एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी चर्चा की. उन्होंने एक स्वर में एक देश, एक कानून यानी UCC के पक्ष में अपनी बात रखी. संतों का मानना है कि भारत में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए, जिससे सामाजिक समानता को बढ़ावा मिले और विभिन्न समुदायों के बीच एकता स्थापित हो सके.
संतों ने कहा कि एक समान नागरिक संहिता न केवल समाज में समानता स्थापित करेगी, बल्कि यह देश के संवैधानिक मूल्यों को भी सशक्त करेगी. उनका यह भी मानना था कि भारतीय समाज में धर्म और संस्कृति की विविधता के बावजूद, UCC के लागू होने से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेगा और न्याय का वितरण निष्पक्ष रूप से होगा.
प्रयागराज के महाकुंभ में सीएम धामी का स्नान और संतों का UCC के पक्ष में समर्थन एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक घटना के रूप में सामने आया है. सीएम धामी ने न केवल धार्मिक आस्था का आदान-प्रदान किया, बल्कि भारतीय समाज के लिए समानता और समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश भी दिया.
यह आयोजन न केवल उत्तराखंड के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है, क्योंकि इसमें न केवल धार्मिक आस्था का सम्मान किया गया, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. UCC के समर्थन से यह स्पष्ट होता है कि संतों और नेताओं के बीच एक साझा दृष्टिकोण है जो समाज में समानता और एकता की भावना को बढ़ावा देने का कार्य करेगा.

