उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद जनपद से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने डिजिटल युग में युवाओं की बढ़ती सनक और मानसिक दबाव को उजागर कर दिया है. थाना ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र के एक गांव में 24 वर्षीय युवक ने सिर्फ इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसके परिजनों ने उसे आईफोन (iPhone) दिलाने की मांग पूरी नहीं की थी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है.
गाजियाबाद के थाना ट्रॉनिका सिटी अंतर्गत आने वाले गांव पावी सादिकपुर में 24 साल का सादीन अपने परिवार के साथ रहता था. सादीन एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में काम करता था, जहां उसे 10,000 रुपये प्रति माह वेतन और कुछ कमीशन मिलता था. जानकारी के मुताबिक, सादीन पिछले काफी समय से अपने परिवार पर iPhone 17 Pro दिलाने का दबाव बना रहा था.
सादीन के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह फोन के लिए लगातार जिद कर रहा था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति या अन्य कारणों से वे इस मांग को तत्काल पूरा करने में असमर्थ थे. वे लगातार सादीन को समझाने और बहाना बनाकर टालने की कोशिश कर रहे थे. गुरुवार की रात इसी बात को लेकर सादीन का मन काफी आहत हुआ और उसने एक आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया.
पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात जब परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे या अपने कामों में व्यस्त थे, तब सादीन ने अपने कमरे में जाकर गेट बंद कर लिया. उसके पास एक अवैध तमंचा था, जिससे उसने खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर परिजन कमरे की ओर भागे तो सादीन खून से लथपथ हालत में मिला. आनन-फानन में उसे दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल ले जाया गया. शुक्रवार को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इस संवेदनशील मामले पर जानकारी देते हुए गाजियाबाद लोनी एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि, “प्रारंभिक जांच में यह बात साफ हुई है कि युवक सादीन आईफोन की डिमांड पूरी न होने से नाराज था. उसने गुरुवार रात खुद को गोली मारी थी, जिसकी शुक्रवार को मौत हो गई. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन परिजनों के बयानों के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है.”
एसीपी लोनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस अब इस बिंदु पर तफ्तीश कर रही है कि आखिर एक साधारण प्रॉपर्टी डीलर के पास अवैध हथियार (तमंचा) कहां से आया. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों और समय का तकनीकी विश्लेषण किया जा सके.
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी की तरह है कि कैसे महंगे मोबाइल और गैजेट्स युवाओं की मानसिक स्थिति पर हावी हो रहे हैं. महज 10 हजार की नौकरी करने वाला युवक लाखों के फोन के लिए अपनी जान दांव पर लगा बैठा. पुलिस इस मामले में परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे किसी अन्य संभावित विवाद की भी जांच की जा सके.

