उत्तर प्रदेश

नए नोएडा को योगी सरकार की मिली मंजूरी, 80 गांवों पर बसाया जाएगा नया नोएडा

उत्तर प्रदेश: नोएडा को विकसित करने की मंजूरी दे दी गई है. नोएडा अथॉरिटी का मास्टर प्लान-2041 सरकार से मंजूर हो गया है. योगी आदित्यनाथ सरकार की हरी झंडी के बाद न्यू नोएडा सिटी को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा. नोएडा अथॉरिटी के बोर्ड बैठक में इसको मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है. मास्टर प्लान-2041 के अनुसार नए नोएडा को विकसित करने के लिए दादरी व बुलंदशहर के 84 गांवों को इसमें शामिल किया जाएगा. नए प्लान के तहत दादरी नोएडा गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन न्यू नोएडा को शासन से मंजूरी मिलने के बाद इसको विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी.

नोएडा अथॉरिटी की तरफ से बनाए इस प्लान में 19 आपत्तियां आई थी। इनका संशोधन किया गया। न्यू नोएडा 209.11 वर्ग किलोमीटर में यानी 20 हजार 911.29 हेक्टेयर में बसाया जाएगा. इसके लिए 80 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. जिसे नोटिफाई किया जा चुका है. इस मास्टर प्लान को चार फेज में पूरा किया जाएगा. न्यू नोएडा का मास्टर प्लान प्राधिकरण और एसपीए (स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट) ने बनाया है.

नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि न्यू नोएडा के मास्टर प्लान 2041 को प्राधिकरण की 210वीं बोर्ड में रखा गया था. सितंबर 2023 में इस पर आपत्तियां मांगी गईं. जिसके बाद 12 जनवरी 2024 को अप्रूवल के लिए शासन को भेजा गया. वहां से आज मंजूरी मिल गई। न्यू नोएडा का काम चार फेज में पूरा किया जाएगा.

न्यू नोएडा 209 वर्ग किमी में होगा, इसमें 6 लाख की आबादी रह सकेगी. 209 वर्ग किमी में न्यू नोएडा को बसाया जाना है. डीएनजीआईआर मास्टर प्लान 2041 में 40 प्रतिशत भू उपयोग औद्योगिक , 13 प्रतिशत आवासीय और ग्रीन एरिया व रीक्रिएशनल एक्टिविटी के लिए 18 प्रतिशत प्रावधान किया गया है. डीएनजीआईआर को गौतमबुद्ध नगर के 20 और बुलंदशहर के 60 गांवों को मिलाकर बनाया गया है. इस शहर की आबादी 6 लाख के आसपास होगी.

डीएनजीआईआर वेस्ट यूपी का ग्रोथ इंजन होगा। 209 वर्ग किलोमीटर के नए शहर में 8420.92 हेक्टेयर में इंडस्ट्री को बसाया जाएगा. इसमें यूपी सीड को 1370.10 हेक्टेयर के अलावा इंडस्ट्रियल एरिया 6885.59 हेक्टेयर और मिक्स इंडस्ट्री 165.22 हेक्टेयर में बसाई जाएंगी। इस नए शहर में 6 लाख लोग रहेंगे. जिसके पहले फेज में 3 लाख को रोजगार मिलेगा.

प्राधिकरण ने 213 वीं बोर्ड में करीब 1 हजार करोड़ रुपए जमीन अधिग्रहण के रिजर्व किए हुए है. इनका पूरे वित्त वर्ष में उपयोग नहीं हो सका. ये पैसा यहां पहले फेज में जमीन अधिग्रहण के लिए रिजर्व किया गया है. अधिग्रहण आबादी नियमावली 2013 यानी आपसी सहमति के आधार पर या लैंड पूल के जरिए की जाएगी. इसके लिए शासन से गाइड लाइन जारी की जाएगी.

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