उत्तर प्रदेश: अयोध्या नगरी में 500 वर्ष बाद राम मंदिर के जन्मस्थल पर भगवान राम का भव्य मंदिर तैयार हो रहा है. मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने वाली है. इस राम मंदिर के निर्माण कार्य में अहमदाबाद ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर जिन ध्वज दंडों पर मंदिर के ध्वज लहराएंगे, वह ध्वजदंड अहमदाबाद में तैयार किए गए हैं.
शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शास्त्रोक्त विधि से पूजा-अर्चना करने के बाद 5500 किलोग्राम वजन का मुख्य ध्वजदंड सहित अन्य छह ध्वजदंडों को एक ट्रक में अयोध्या के लिए रवाना किया गया है. गोता इलाके में अंबिका इंजीनियरिंग वर्क्स के भरत मेवाड़ा, उनकी टीम ने इन ध्वज दंडों का निर्माण किया है. मेवाड़ा का परिवार 80 सालों से पीतल के ध्वजदंड व मंदिरों का सामान बनाता है.
अहमदाबाद में राम मंदिर के लिए कुल सात ध्वजदंड तैयार किए हैं. इसमें मंदिर के 161 फीट ऊंचे मुख्य शिखर पर लगने वाले ध्वजदंड का वजन 5500 किलोग्राम है. इसकी ऊंचाई 44 फीट है. नागरशैली में इसे तैयार किया है. इसमें 20 रिंग हैं. 9.5 इंच इसका व्यास है. इस ध्वजदंड की दीवार एक इंच की है. आज तक इतने वजन और ऊंचाई का ध्वजदंड कंपनी ने भी नहीं बना था.
इसके अलावा 20-20 फीट ऊंचे और 750 -750 किलोग्राम वजन के छह अन्य ध्वजदंड भी तैयार किए हैं. नंबर एक गुणवत्ता का पीतल उपयोग में लिया गया है. मंदिर के 42 दरवाजों के हार्डवेयर भी यहां तैयार हुए हैं, जिसमें मिजागरे, कुंदा, पिवोट सिस्टम, ताले, साज सज्जा की वस्तु शामिल है. राम मंदिर में लगने वाले 530 कड़े भी यहां तैयार किए गए हैं. जिनमें झूमर व लाइटें लगेंगीं.

