उत्तर प्रदेश: पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मेला पुलिस और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था लागू कर दी है. शुक्रवार रात 8 बजे से पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. इस दौरान एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा. श्रद्धालुओं को संगम और स्नान घाटों तक पैदल ही तय मार्ग से जाना होगा.
एसएसपी मेला नीरज पांडेय ने बताया कि संगम नोज क्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाहन पार्किंग की अनुमति नहीं दी जाएगी. श्रद्धालुओं से अपील की गई है, वह अपने वाहन तक किए गए पार्किंग में ही खड़ी करें. वहां से पैदल मार्ग का उपयोग करें. श्रद्धालु जिस रूट से आएंगे, वहां के पार्किंग में ही गाड़ियां पार्क होंगी.
उन्होंने बताया कि भीड़ के दबाव को कंट्रोल करने के लिए पांटून पुलों पर वन-वे व्यवस्था लागू किया गया है. झूंसी से परेड की ओर जाने के लिए पांटून पुल संख्या 4 और 6 का उपयोग होगा. परेड से झूंसी की ओर वापसी के लिए पांटून पुल संख्या 3, 5 और 7 निर्धारित किए गए हैं. पांटून पुल संख्या 1 और 2 को आपात स्थिति के लिए रिजर्व रखा गया है.
उन्होंने बताया कि संगम जाने के लिए सबसे नजदीक का पार्किंग स्थल परेड ग्राउंड के प्लॉट नंबर 17 में बना है. यहां वाहन खड़ी करने वाले श्रद्धालु काली मार्ग से पैदल ही संगम स्नान घाट, हनुमान घाट और राम घाट तक पहुंच सकेंगे. स्नान के बाद अक्षय वट मार्ग, खडंजा वापसी मार्ग और त्रिवेणी मार्ग होते हुए वापस पार्किंग तक लौटेंगे. इस पार्किंग की संगम से दूरी करीब 3 किमी है.
इसी तरह गल्ला मंडी पार्किंग में वाहन पार्क करने वाले श्रद्धालु काली मार्ग से पैदल मोरी रैंप और किला घाट मार्ग होते हुए काली उत्तरी घाट, मोरी घाट, शिवाला घाट और दशाश्वमेध घाट तक पहुंच सकेंगे.
स्नान के बाद गंगा मूर्ति चौराहा से ओल्ड जीटी रोड या रिवर फ्रंट रोड से पार्किंग में वापसी होगी. नाग वासुकि पार्किंग से श्रद्धालु रिवर फ्रंट मार्ग या संबंधित मार्ग से नाग वासुकि स्नान घाट तक जा सकेंगे. स्नान के बाद उसी मार्ग से वापसी होगी.
वहीं, झूंसी क्षेत्र में ओल्ड जीटी रोड कछार पार्किंग में वाहन पार्क करने वाले श्रद्धालु पैदल ही पांटून पुल संख्या 4 और 5 से पश्चिमी हिस्से के बीच बने स्नान घाटों तक पहुंचेंगे. इसके बाद ओल्ड जीटी रोड से ही वापसी की व्यवस्था तय की गई है.
टीकर माफी महुआ बाग पार्किंग के श्रद्धालु जीटी रोड और टीकर माफी से त्रिवेणी रोड होते हुए पांटून पुल संख्या 2 और 3 के पश्चिमी हिस्से के बीच बने घाटों पर स्नान करेंगे. वापसी काली मार्ग से टीकर माफी और जीटी रोड होते हुए होगी.
सोहम आश्रम पार्किंग से श्रद्धालु रिवर फ्रंट झूंसी मार्ग और अक्षय वट मार्ग से पांटून पुल संख्या 1 के दक्षिणी हिस्से में स्थित ऐरावत स्नान घाट तक पहुंचेंगे. स्नान के बाद महावीर मार्ग से होते हुए रिवर फ्रंट झूंसी मार्ग और समुद्र कूप मार्ग से पार्किंग में वापसी होगी.
अरैल क्षेत्र में देवरख कछार, गजिया और नव प्रयागम पार्किंग तय की गई है. देवरख कछार पार्किंग से श्रद्धालु सोमेश्वर महादेव रैंप मार्ग से सोमेश्वर महादेव स्नान घाट तक जाएंगे. उसी मार्ग से लौटेंगे.
गजिया पार्किंग से अरैल घाट, चक्र माधव घाट और अन्य घाटों तक पैदल रूट तय किया गया है. नव प्रयागम पार्किंग से श्रद्धालु नव प्रयागम अप्रोच मार्ग और अरैल बांध रोड के जरिए घाटों तक पहुंचेंगे. स्नान के बाद संकट मोचन मार्ग से वापसी करेंगे.
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि प्रयागराज जंक्शन पर यात्रियों को सिटी साइड स्थित यात्री आश्रय स्थल से ही प्रवेश दिया जाएगा. प्लेटफॉर्म पर प्रवेश कलर कोडिंग के आधार पर होगा. निकासी सिविल लाइंस साइड से कराई जाएगी.
सूबेदारगंज स्टेशन पर प्रवेश राजरूपपुर साइड से होगा. निकासी जीटी रोड सुलेम सराय की ओर से तय है. प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर प्रवेश सीओडी रोड गेट से होगी. निकासी जीईसी रोड की ओर से होगी. नैनी जंक्शन में प्रवेश स्टेशन रोड से और निकासी प्लेटफॉर्म नंबर चार की ओर से होगा.
पौष पूर्णिमा स्नान पर्व की वजह से दारागंज स्थित प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन 2 से 4 जनवरी तक यात्रियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. इस दौरान ट्रेन का संचालन जारी रहेगा, लेकिन यात्री यहां से चढ़ या उतर नहीं सकेंगे. यात्रियों को प्रयागराज जंक्शन से यात्रा करनी होगी.

