उत्तर प्रदेश

लखनऊ अग्निकांड के बाद नोएडा-गाजियाबाद में कोचिंग सेंटरों पर कड़ा एक्शन, कई कोचिंग सेंटर किये गए सील

नोएडा: लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग में 15 मासूम जिंदगियों के खत्म होने के बाद, पूरे उत्तर प्रदेश के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए नोएडा जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले में बिना पंजीकरण और बिना फायर सेफ्टी के चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ा जांच अभियान शुरू कर दिया गया है.

इस कार्रवाई के तहत नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है, जहां तीन कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया है. नोएडा में सिटी मजिस्ट्रेट शरद, DIOS चंद्रशेखर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार के नेतृत्व में जांच का यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है.

इसी कार्रवाई के दौरान सेक्टर 113 में दो कोचिंग संस्थान और सेक्टर 49 में एक सेंटर को सुरक्षा मानकों और पंजीकरण की कमी के कारण सील कर दिया गया.नोएडा में फिलहाल केवल 57 कोचिंग संस्थान ही आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं, जबकि सैकड़ों की संख्या में ऐसे सेंटर चल रहे हैं जो नियमों और पंजीकरण व्यवस्था से पूरी तरह बाहर हैं.

इस चुनौती से निपटने के लिए फायर विभाग ने दो विशेष टीमों का गठन किया है जो अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं. जो कोचिंग सेंटर जांच के दौरान बंद पाए गए हैं, उन्हें आने वाले दिनों में जांच के दायरे में लाया जाएगा.

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से लगातार जारी रहेगा ताकि किसी भी अनहोनी को पहले ही रोका जा सके. प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने 256 कोचिंग सेंटरों की जांच की

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के मुताबिक,अग्निशमन विभाग द्वारा तहसीलदार सदर और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ राजनगर डिस्टिक सेंटर में चेकिंग की गई है.वहीं, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण भी पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है. सभी जोन में विकास प्राधिकरण द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत आज 256 कोचिंग सेंटरों की जांच की गई. प्राधिकरण द्वारा ऐसे 206 प्रकरण चिन्हित किए गए हैं जिनमें अग्नि सुरक्षा मानकों के संबंध में कमियां पाई गई है. जिसमें से 62 प्रकरणों में सीलिंग की कार्रवाई की गई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *