उत्तर प्रदेश

रथ पर 92 साल की मां को बैठाकर पैदल ही महाकुंभ के लिए निकले पड़े मुजफ्फरनगर के ‘श्रवण कुमार’, 800 किमी का सफर तय कर पहुंचेंगे संगम

उत्तर प्रदेश: मुजफ्फरनगर के गांव मोघपुर निवासी 65 वर्षीय चौधरी सुदेश पाल सिंह मलिक अपनी 92 वर्षीय मां जगवीरी देवी को महाकुंभ स्नान के लिए पदयात्रा करते हुए प्रयागराज ले जा रहे हैं. सुदेश पाल ने अपनी वृद्ध माता के लिए एक विशेष रथ (छोटी बग्घी नुमा हाथगाड़ी) तैयार किया है, जिसमें बैठाकर वे स्वयं पैदल इस गाड़ी को खींचते हुए संगम नगरी प्रयागराज की ओर बढ़ रहे हैं. यह यात्रा उन्होंने मुजफ्फरनगर के मोघपुर गांव से शुरू की थी और उनका लक्ष्य महाकुंभ में अपनी मां को पवित्र स्नान कराना है. इस दौरान वह करीब 800 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे.

गुरुवार को जब सुदेश पाल अपनी माता के साथ अलीगढ़ पहुंचे. अखिल भारतीय करणी सेना ने उनका भव्य स्वागत किया. करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर ज्ञानेंद्र सिंह चौहान ने अपने पदाधिकारियों के साथ उन्हें फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया. इस दौरान ज्ञानेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आज के समय में जब बच्चे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम में छोड़ देते हैं या उनकी देखभाल से मुंह मोड़ लेते हैं.

वहीं, सुदेश पाल ने अपने कर्तव्य का ऐसा अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो हर युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है. वे आधुनिक युग के श्रवण कुमार हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति और सेवा आज भी जीवित है.

सुदेश पाल की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह युवाओं को अपने माता-पिता के प्रति कर्तव्यों की याद दिलाने वाली प्रेरणादायक कहानी भी है. करणी सेना के पदाधिकारियों ने भी इस यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि मां से बड़ा कोई भगवान नहीं होता और उनकी सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है.

सुदेश पाल अपनी माता को लेकर अलीगढ़ से आगे की यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं. उनकी अगली मंजिल प्रयागराज महाकुंभ है, जहां वे मां संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित करेंगे. उनकी यह अनूठी यात्रा हर किसी के दिल को छू रही है और यह संदेश दे रही है कि मां-बाप का सम्मान ही सबसे बड़ा धर्म है.

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