उत्तर प्रदेश: श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही भक्ति और आस्था का वातावरण बन गया है. इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो स्वयं गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं, ने आज सुबह गोरखनाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान से रुद्राभिषेक और हवन कर श्रावण की शुरुआत की.
राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने भगवान शंकर से चराचर जगत के कल्याण और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की. मंदिर में पूजन के दौरान उन्होंने भगवान शिव को बिल्वपत्र, दूर्वा, मदार पत्र, कमल पुष्प, और विविध ऋतुफलों के रस सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित की.
इसके उपरांत मंदिर के आचार्यगण और पुरोहितों ने वैदिक मंत्रों के साथ रुद्राभिषेक संपन्न कराया, जिसमें गंगा जल, दूध और फल रस से भगवान शिव का अभिषेक किया गया. अभिषेक के पश्चात मुख्यमंत्री ने स्वयं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुति दी. इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा देवाधिदेव महादेव के प्रिय श्रावण मास के प्रथम दिवस के पावन अवसर पर आज गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की.”
शान्ताकारं शिखरिशयनं नीलकण्ठं सुरेशं
विश्वाधारं स्फटिकसदृशं शुभ्रवर्णं शुभाङ्गम्।
गौरीकान्तं त्रितयनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वन्दे शम्भुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।देवाधिदेव महादेव के प्रिय श्रावण मास के प्रथम दिवस के पावन अवसर पर आज @Gorakhnathmndr में विधि-विधान से रुद्राभिषेक… pic.twitter.com/3GwfuOXgbY
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 11, 2025
गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर न केवल उत्तर भारत का प्रमुख शिवधाम है, बल्कि श्रावण मास में यहां विशेष धार्मिक आयोजनों की परंपरा भी रही है. मुख्यमंत्री योगी, एक संत परंपरा से जुड़े होने के नाते, प्रतिवर्ष श्रावण मास के पहले दिन यहां विशेष पूजा-अर्चना करते हैं.
श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय मास माना जाता है, और इस दौरान पूरे महीने विशेष पूजा, जलाभिषेक, और रुद्राभिषेक किए जाते हैं. गोरखनाथ मंदिर में सावन के प्रत्येक सोमवार को हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह धार्मिक अनुष्ठान केवल आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी दर्शाता है. सावन मास में प्रदेश भर के शिवालयों में भक्तिभाव की गूंज अब पूरे महीने सुनाई देती रहेगी.

