उत्तर प्रदेश महाकुंभ 2025 के लिए गूगल ने भी बदली पॉलिसी, 45 करोड़ भक्तों को ऐसे झट से मंजिल तक पहुंचाएगा
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महाकुंभ 2025 के लिए गूगल ने भी बदली पॉलिसी, 45 करोड़ भक्तों को ऐसे झट से मंजिल तक पहुंचाएगा

उत्तर प्रदेश: महाकुंभ 2025 में गूगल भी भक्तों की मदद करेगा. इसके लिए दुनिया के सबसे बड़े दिग्गज डिजिटल महारथी ने अपनी पॉलिसी तक में बदलाव कर दिया है. इस संबंध में सोमवार को ही गूगल (Google) और प्रयागराज मेला प्राधिकरण के बीच एमओयू साइन हुआ है. आखिर गूगल किस तरह से कुंभ आने वाले भक्तों की मदद करेगा चलिए आगे जानते हैं. दुनिया का सबसे बड़ा मेला यानी महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से शुरू होने जा रहा है. एक ओर इसकी तैयारियों को लेकर सरकार जहां पूरा जोर लगाए है तो वहीं दूसरी ओर डिजिटल प्लेटफार्म भी कुंभ को लेकर अपनी तैयारियां कर रहे हैं. एक अनुमान के मुताबिक कुंभ में करीब 40-45 करोड़ लोग आ सकते हैं. इसे लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां हुई हैं.

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने भी महाकुंभ को लेकर तैयारी की है. सोमवार को महाकुम्भ को गूगल मैप पर लाने के लिए गूगल और प्रयागराज मेला प्राधिकरण के बीच एमओयू हो गया है. इससे भक्तों को ये फायदा होगा कि मोबाइल की मदद से वह प्रयागराज में उतरते ही कुंभ के तट तक आसानी से पहुंच सकेंगे.

गूगल अभी तक स्थायी लोकेशन को ही मैप में शामिल करता है. ये गूगल पॉलिसी का हिस्सा है. ऐसा पहली बार होगा कि किसी अस्थायी बसाए जा रहे शहर को गूगल अपने मैप में शामिल करेगा. दुनिया के इस बड़े मेले के लिए गूगल ने अपनी पॉलिसी तक में बदलाव कर दिया. गूगल ने पहली बार अस्थायी शहर को अपने मैप में शामिल किया है. अब मोबाइल की मदद से महाकुंभ के दौरान संगम, गंगा घाट, मठ, मंदिर, अखाड़े या किसी भी स्थान पर पहुंचना पहले के मुकाबले बेहद आसान हो जाएगा. नवम्बर माह के अंत या दिसम्बर की शुरुआत के साथ गूगल मैप पर कुंभ शो होने लगेगा.

महाकुम्भ के अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि सीएम योगी के डिजिटल कुंम्भ के सपने को साकार करने में गूगल भी सामने आया है. गूगल ने अपने नियमों में बदलाव करते हुए तंबुओं के शहर को गूगल मैप पर जगह देने जा रहा है.जिससे देश दुनिया से आने वाले करोड़ो श्रद्धालुओं स्नानार्थियों को बिना किसी से पता पूंछे उनकी मंजिल तक पहुंचाने में मोबाइल में मौजूद गूगल मैप मददगार साबित होगा.

गूगल मैप पर कुंभ के आते ही आप प्रयागराज उतरते ही आसानी से बिना किसी से पूछे संगम तट तक पहुंच जाएंगे. इसके अलावा यदि आपको प्रयागराज के किसी मंदिर, मठ या फिर और किसी जगह जाना होगा तो आप आसानी से वहां जा सकेंगे. भक्तों को मंजिल तक पहुंचाने के लिए गूगल की ये बड़ी पहल है.

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