गाजियाबाद: शनिवार, 9 मई 2026 को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा. लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगातार प्रचार प्रसार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग लोक अदालत में शामिल होकर लंबित मामलों का निपटारा आपसी सहमति और समझौते के आधार पर करवा सकें. जिले के 28 विभागों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लोक अदालत को लेकर कार्यालय में प्रचार प्रसार करने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं.
लोक अदालत के माध्यम से बिजली बिल, बैंक लोन, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विभाग समेत अन्य सिविल मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण होगा. लोक अदालत का उद्देश्य बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण करना है ताकि अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम किया जा सके. लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है और निर्णय के खिलाफ किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती जिससे कि विवाद का स्थाई समाधान संभव हो पता है.
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की सचिव नेहा बनोधिया के मुताबिक, साल 2026 की दूसरी लोक अदालत का आयोजन 9 मई 2026 को किया जाएगा. इस साल की पहली लोक अदालत मार्च में आयोजित हुई थी. 9 मई को आयोजित होने वाली लोक अदालत से पहले तीन “मिनी लोक अदालत” का आयोजन किया. मिनी लोक अदालत का आयोजन 6, 7 और 8 मई को होगा.
डीएलएसए द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि मार्च में आयोजित हुई लोक अदालत की तुलना में आगामी लोक अदालत में अधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके.मिली जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में विद्युत विभाग और आरटीओ के मामले हैं जो कि लोक अदालत में निस्तारित हो सकते हैं. ऐसे में बिजली विभाग समेत विभिन्न विभागों की हेल्प डेस्क न्यायालय परिसर में मिनी लोक के तहत 6, 7 और 8 मई को लगेगी. इस दौरान पैरालेगल वॉलिंटियर्स, पैनल अधिवक्ता और मीडियेटर्स मौजूद रहेंगे.
लोक अदालत को सफल बनाने के लिए परिवहन विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, विद्युत विभाग, नगर निगम, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, समाज कल्याण विभाग समेत कुल 28 विभागों को DLSA को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक मामलों का लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण कराया जाए. सभी विभागों को लोक अदालत को लेकर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यालय में लोक अदालत से संबंधित पोस्ट चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं.
DLSA से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी लोक अदालत में विभिन्न लॉ कॉलेज की छात्रा शामिल होंगे. दरअसल इस पहल के माध्यम से कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र कोर्ट की वर्किंग देख सकेंगे. साथी लोक अदालत के माध्यम से कैसे मामलों का निस्तारण होता है और बड़ी संख्या में कैसे लोक अदालत एक आम आदमी के लिए फायदेमंद साबित होती है इस बारे में भी जानकारी दी जाएगी. ताकि कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र जब वकील के तौर पर अपनी सेवाएं दे तो आने वाले समय में लोक अदालत को और बेहतर बना सके.
