उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी में है. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात तक विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण और अधिकारियों से मुलाकात करके 11 सितंबर को होने वाले मॉरीशस के प्रधानमंत्री और पीएम नरेंद्र मोदी की वाराणसी में संभावित मुलाकात की तैयारी को भी परखा.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह बनारस में पहली बार जनता दर्शन का आयोजन किया. अब तक सीएम योगी लखनऊ और गोरखपुर में ही आयोजन करते थे, लेकिन पहली बार उन्होंने वाराणसी के सर्किट हाउस में जनता दर्शन कर लोगों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली समेत आसपास के कई जिलों से लगभग 50 से ज्यादा लोग अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचे.
मुख्यमंत्री के दरबार में कोई जमीन का विवाद तो कोई अपने गांव के विवाद और कोई नौकरी से निकाले जाने के बाद परेशानी से उबरने के लिए पहुंचा था. चोलापुर के रहने वाले एक्स आर्मी मैन दीनानाथ मिश्रा मुख्यमंत्री से मुलाकात करके जब बाहर निकले तो उन्होंने बताया कि अब तक वह तीन बार जनता दरबार में सीएम से मिल चुके हैं. गोरखपुर में उन्होंने मुलाकात की लेकिन, उनकी समस्या अब तक हल नहीं हुई है. समस्या सिर्फ गांव के एक सड़क से जुड़ी है.
जहां गांव के कुछ दबंगों ने सरकारी खड़ंजें को 15 मीटर उखाड़ दिया. उन्होंने इस संदर्भ में स्थानीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी बात रखी. सीएम योगी के आदेश के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. जिसके बाद आज वह यहां भी आए और उन्हें आश्वासन मिला है कि समस्या हल होगी.
वहीं, वाराणसी के अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज में प्रबंधन की तरफ से एक साथ लगभग 2000 से ज्यादा शिक्षकों की सेवा समाप्त किए जाने संबंधित विषय को लेकर पीड़ित शिक्षिका मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचीं. उनका कहना था बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक से हमारी सेवाओं को समाप्त कर दिया गया. जिससे हमारे सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. इस पर भी सीएम योगी ने इन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
मिर्जापुर से वाराणसी आए पति-पत्नी अपने खेत पर कब्जा किए जाने के प्रकरण को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए पहुंचे. वहीं, वाराणसी चेतगंज की रीता चौरसिया ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करके पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए.
उनका कहना है कि 8 महीने पहले उनके साथ मुख्यमंत्री के सचिव और एक IPS अधिकारी के नाम पर 20 लाख की ठगी हुई थी. आरोपी का पता चल गया सब जानकारी हो गई, उसके बाद भी उनके पैसे की बरामदगी नहीं हुई. बार-बार गुहार लगाने के बाद भी उसका कोई निष्कर्ष नहीं निकल रहा है.

