उत्तर प्रदेश: महाकुंभ-2025 अब 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में महास्नान के साथ औपचारिक रूप से खत्म हो गया है. इस महाआयोजन में लगी प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने अब राहत की सांस ली है. महाकुंभ के कुशल समापन के बाद शुक्रवार को सभी वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मचारियों के साथ संगम में स्नान किया. अधिकारियों के महास्नान की वीडियो और तस्वीरें अब वायरल हो रही हैं.
तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी के पावन संगम तट पर 13 जनवरी से शुरू हुए सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन महाकुंभ-2025 अब सकुशल व निर्विघ्न संपन्न हो गया है. महाआयोजन को दिन–रात एक कर सफल बनाने वाले अधिकारियाें कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पेशल भत्ते की भी घोषणा की है. इसके बाद गुरुवार को अधिकारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम में स्नान करने और अपने साथ गंगाजल ले जाने की सलाह दी.
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— UP POLICE (@Uppolice) March 1, 2025
मुख्यमंत्री के उद्बोधन के बाद पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण द्वारा एक साथ पुलिस व प्रशासन के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को संगम स्नान करने का निमंत्रण दिया गया. दिन रखा गया शुक्रवार 28 फरवरी 2025. फिर क्या था पुलिस व प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी की टीम एक साथ संगम में उतर गई.
अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर, पुलिस आयुक्त प्रयागराज तरुण गाबा, मंडलायुक्त प्रयागराज विजय विस्वास पंत, पुलिस उप महानिरीक्षक महाकुंभ वैभव कृष, मेलाधिकारी महाकुंभ विजय किरण आनंद, जिलाधिकारी प्रयागराज रविन्द्र कुमार मांदड़, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महाकुंभ राजीव नारायण, आईजी प्रयागराज सहित प्रमुख अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर हर गंगे के उद्घोष के साथ संगम में स्नान किया.
महाकुंभ 2025 को सकुशल संपन्न करने के लिए दिन-रात एक करने वाले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी जब मां गंगा की गोद में उतरे तो जैसे उनकी सारी थकान टेंशन दूर हो गई. बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां निभाने वाले ये अधिकारी मां गंगा की गोद में अठखेलियां करते दिखाई दिए. एक दूसरे पर गंगाजल फेंकते और मस्ती करते भी दिखे. कुछ अधिकारियों ने संगम में जल योग भी किया. जल योग भी ऐसे कर रहे थे जैसे कोई कुशल योगी हो.
डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि महाकुंभ में चंद घंटे सोकर जिस तरह से पुलिसकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने काम किया है, वह काफी थका देने वाला था, लेकिन हमारे अंदर पता नहीं कहां से असीम ऊर्जा आ रही थी. सभी साथी दिन-रात बिना थके काम कर रहे थे. आज मां गंगा की गोद में नहाने के बाद जैसे सारी टेंशन और थकान दूर हो गई है. दिमाग से बहुत सारा लोड कम हो गया है.

