उत्तर प्रदेश: रक्षाबंधन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर के साढ़े तीन लाख से ज्यादा रसोइयों को एक साथ चार उपहार दिए हैं. इनमें तमाम महिलाएं शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले एक साथ चार उपहार आपको कभी नहीं मिले होंगे, लेकिन हमारी सरकार ने यह करने का फैसला लिया. अब आप अच्छे से रक्षाबंधन मनाएं. स्कूल के बच्चों को भविष्य संवारने में आपका अहम योगदान है, इसलिए सरकार ने आपको स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर दुर्घटना बीमा और मानदेय के साथ ही साड़ी खरीदने के लिए धनराशि में बढ़ोतरी की है. लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई मासूम बच्चों को गोद में लेकर दुलारा. उन्हें चॉकलेट और खिलौने दिए. बाल वाटिका में मिल रही बच्चों की शिक्षा को लेकर भी बच्चों से बात की.
रक्षाबंधन से ठीक पहले हम प्रदेश के 3 लाख 53 हजार से अधिक रसोइयों के लिए 4 नए उपहार लेकर आए हैं।
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— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 23, 2026
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षाबंधन के ठीक पहले हम प्रदेश भर के 353000 से भी ज्यादा रसोइयों के लिए चार नए कार्यक्रम लेकर यहां आए हैं. पहला मानदेय वृद्धि, दूसरा अगर किसी रसोईये के साथ कोई घटना-दुर्घटना हो जाती है तो उसके परिवार को ₹200000 की सहायता स्टेट बैंक के माध्यम से उपलब्ध, तीसरा प्रत्येक रसोईये और उसके परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक फ्री कैशलेस सुविधा और चौथा अब तक साड़ी के लिए ₹500 प्राप्त होता था, उस राशि को दोगुना किया जा रहा है. अब ₹1000 मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साथ रक्षाबंधन के पहले इतना बड़ा उपहार कभी नहीं मिला.
अभी तक रसोइयों के लिए कोई सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं थी। अब आपका पूरा मानदेय बैंक खाते में जाएगा। साथ ही, अगर कोई दुर्घटना होती है, कोई विकलांगता का शिकार हो जाता है, तो उस परिवार को बैंक तत्काल ₹2 लाख की सहायता उपलब्ध कराएगा।
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कहा कि आज से नौ साल पहले रसोइयों को मात्र ₹1000 मिलता था. वह भी कभी मिलता था, कभी नहीं मिलता था. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में 55 करोड़ लोगों के लिए जनधन अकाउंट खोल दिया है. जनधन अकाउंट का मतलब यह सपाई और कांग्रेसी, जो डकैती गरीब के हक पर डालते थे, उसको रोकना और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते में जाए, जिसे वह स्वयं निकाल सके. इसके लिए अब डीबीटी के माध्यम से सारी की सारी धनराशि उनके अकाउंट में जाएगी. ₹1000 मात्र मिलते थे, हमने उसको बढ़ाकर पहले 2000 किया. आज उसको बढ़कर ₹3000 किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी तक रसोइयों के लिए कोई सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं थी. अगर कोई घटना दुर्घटना हो जाए, कोई आपदा आ जाए, कोई पूर्ण विकलांग हो जाए, किसी की मृत्यु हो जाए तो परिवार असहाय हो जाता था. कोई पूछने वाला नहीं था. बेसिक शिक्षा परिषद ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ बातचीत करके यह तय करवाया कि आपका अकाउंट हम बैंक में खुलवाएंगे. भारतीय स्टेट बैंक में आपका पूरा मानदेय जाएगा. आप जब भी निकलना चाहेंगे निकालिए, लेकिन अगर कोई घटना दुर्घटना हो जाए, कोई दिव्यांगता का शिकार हो जाए तो उस परिवार को बैंक ₹200000 की सहायता उपलब्ध कराएगा, यह पहले नहीं मिलता था.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सिस्टम जब प्रगति करता है, आगे बढ़ता है, उसका लाभ हर एक तबके को प्राप्त होता है. आपका दायित्व क्या है जिस विद्यालय में रहें, रसोई साहब सुथरी रहे. बच्चों को पोषण मिशन के अंतर्गत व्यवस्था बनाई गई है. अलग-अलग दिन अलग-अलग प्रकार के आहार देने हैं. बेसिक शिक्षा परिषद में 142000 विद्यालय हैं. इन विद्यालयों के लिए जो व्यवस्था बनाई है, जिसमें लगभग डेढ़ करोड़ बच्चे अध्ययन कर रहे हैं. उन बच्चों को अगर आप समय पर स्वच्छता के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं तो आपका भी सम्मान बढ़ेगा. जब बच्चे अच्छे बनेंगे, आगे बढ़ेंगे तो याद रखना इसका लाभ भी आपको प्राप्त होगा, क्योंकि यही बच्चे हमारे भविष्य हैं.

मुख्यमंत्री ने रसोइयों को सलाह दी कि फूड प्वाइजन न होने पाए. गंदगी रही या कभी कोई कीड़ा या छिपकली भोजन में गिरे या लापरवाही होती है, ये जीवन के साथ खिलवाड़ है. यह नहीं होने देना है. जब आप रसोई में खाना बनाएं तो आपके अलावा किसी बाहरी व्यक्ति को वहां आने ही न दें, क्योंकि कोई भी व्यक्ति विश्वासघात कर सकता है. आपकी सुरक्षा के साथ भी और इन मासूम बच्चों के साथ भी.
उन्होंने कहा कि 2017 के पहले हमारे बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय वीरान दिखते थे. उदासीनता थी. स्कूल उजाड़ जैसे लगते थे. आज आप देख रहे होंगे कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से 19 पैरामीटर तय किए गए थे. उनमें विद्यालय में फर्श भी बना है. विद्यालय में बालक और बालिकाओं के लिए टॉयलेट भी बनाए गए हैं. पेयजल की भी व्यवस्था की गई है. ज्यादातर विद्यालय में किचन भी बन गए हैं. वहां पर स्मार्ट क्लास बन गई है. डिजिटल लाइब्रेरी बन गई है. अच्छे पुस्तकालय बन गए हैं.

2017 के पहले बच्चे हमारी चिंता का विषय होते थे. तब मैं एक सांसद था मैंने देखा था कि बच्चे स्कूल जाते थे तो उन्हें कुछ पता नहीं होता था. आज मैं देखता हूं उन बच्चों को अक्षर ज्ञान भी है, वाक्य विन्यास की जानकारी है. गणित की जानकारी है, साइंस की भी जानकारी है, इंग्लिश की भी जानकारी है. वह बच्चे आगे बढ़ रहे हैं. यह बच्चे आगे बढ़ेंगे तो देश आगे बढ़ेगा। देश आगे बढ़ेगा तो हर भारतवासी का सम्मान होगा.

