उत्तर प्रदेश: आज के समय में एक-दूसरे से डायलॉग न होना दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है. 80 साल पहले यूनाइटेड नेशन की स्थापना के : समय की गई घोषणा की सार्थकता आज भी है. आज हमें उन पुरानी बातों तक सीमित न रहकर आज के गंभीर समस्याओं, जिसमें साइबर सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा और वैश्विक आतंकवाद जैसे चीजों पर फोकस करने की जरूरत है. दूसरों के लिए संकट खड़ा करने वाले खुद इसमें घिरेंगे’.
ये बातें लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कही. वह सीएमएस कानपुर रोड ब्रांच में 26वें अंतरराष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि लोगों को संबोधित कर रहे थे.
सीएम ने आगे कहा कि एक पुरानी कहावत है कि यदि आज दूसरे के घर में आग लगी है तो आप निश्चिंत होकर अपने घर में सो नहीं सकते हैं. अगले दिन वह आग आपके घर तक भी पहुंच सकती है. जो आज दूसरों के लिए संकट खड़ा कर रहा है वह कल खुद इस संकट में घिर सकता है. साल 2020 में आई कोरोना जैसी महामारी इसकी परिचायक है.
वसुधैव कुटुम्बकम् यानी 'The whole world is one family' has been a basic philosophy of India for thousands of years.
आज लखनऊ में आयोजित विश्व के मा. मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सहभाग किया। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा रचनात्मक गतिविधियों के मंचन का अवलोकन… pic.twitter.com/DGYFIfs0le
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 21, 2025
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में डाटा चोरी की समस्या खड़ी हो रही है. वैश्विक जलवायु, साइबर सिक्योरिटी और आतंकवाद जैसी समस्या पर हमें मुखर होना चाहिए. दुनिया के ढाई सौ करोड़ से अधिक बच्चों के बस्ते के बढ़ते बोझ को कम करने के प्रयास होने चाहिए. भारत ने पृथ्वी, जलवायु अग्नि और नभ पर भरोसा कायम रखा है. दुनिया में कुछ लोगों ने खुद का वर्चस्व स्थापित करने के लिए दुनिया भर में अस्थिरता का वातावरण बना दिया है.
सीएम ने कहा कि यूनाइटेड नेशन ने शिक्षा पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा के लिए दुनिया के सभी देशों के सामने एक लक्ष्य रखा था. उसमें शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. देश के सबसे बड़े राज्य यूपी की राजधानी में आगमन पर आप सभी मुख्य न्यायाधीशों और जर्मन लोगों का स्वागत है. भारत हजार वर्षों से पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता रहा है. दुनिया का कोई मत, मजहब, संप्रदाय नहीं है, जिसे भारत ने संरक्षण में योगदान न दिया हो.
इस उद्घाटन सत्र में इस स्कूल के संस्थापक डॉक्टर जगदीश गांधी की स्मृतियों को नमन करता हूं. उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं जिन्होंने ऐसे कार्यक्रम की लखनऊ में शुरुआत की. वहीं सीएमएम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीशों के सम्मेलन से पूर्व 52 देशों से पधारे विदेशी मेहमानों ने गुरुवार को आगरा का ताजमहल भ्रमण किया था.
विदेशी मेहमानों के स्वागत में राजाजीपुरम प्रथम कैंपस में डांडिया नाइट का आयोजन किया गया. क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्टीपन मेसिक, लेसोथो के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. पकालिथा बी. मोसिलिली एवं घाना की संसद के सभापति अल्बन किंग्सफोर्ड सुमाना बैगबीन, एंटीगुआ व बरबूडा संसद के अध्यक्ष आस्बर्ट आर. फ्रेडरिक समेत विभिन्न देशों के मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश पहुंचे हैं.

